Chandigarh one portal Government services will available e-service service plus e-contact together: चंडीगढ़, जो अपनी सुंदरता और सुनियोजित संरचना के लिए जाना जाता है, अब डिजिटल क्षेत्र में भी एक नया कदम उठाने जा रहा है। यूटी प्रशासन ने एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म (digital platform) तैयार करने की योजना बनाई है, जो चंडीगढ़ के निवासियों के लिए सरकारी सेवाओं (government services) को आसान, तेज और पारदर्शी बनाएगा। इस नए पोर्टल के जरिए ई-सेवा, सर्विस प्लस और ई-सम्पर्क जैसे मौजूदा पोर्टल्स को एक ही जगह जोड़ा जाएगा। इसका मतलब है कि आपको अब अलग-अलग वेबसाइट्स पर जाकर समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं होगी। बस एक यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें और सभी सरकारी सेवाएं (government services) आपके सामने होंगी।
Chandigarh: एक पोर्टल, अनेक सेवाएं
इस पहल का लक्ष्य है कि चंडीगढ़ के लोग घर बैठे ही जन्म प्रमाण पत्र (birth certificate), मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स (property tax) जमा करना, लाइसेंस प्राप्त करना या शिकायत दर्ज करना (file complaints) जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकें। मुख्य सचिव राजीव वर्मा ने हाल ही में सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस प्रोजेक्ट को गति देने के निर्देश दिए हैं। नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (NIC) को इस पोर्टल को विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो सभी विभागों के साथ मिलकर इसे जल्द से जल्द तैयार करेगा। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म (digital platform) से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता (transparency) भी बढ़ेगी।
डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता
चंडीगढ़ प्रशासन इस पोर्टल के जरिए न केवल सेवाओं को एकीकृत कर रहा है, बल्कि एस्टेट ऑफिस के रिकॉर्ड को भी पूरी तरह डिजिटल करने की दिशा में काम कर रहा है। पुराने दस्तावेजों को स्कैन कर डिजिटल फॉर्मेट में सुरक्षित किया जाएगा और हर दस्तावेज को कैटलॉग कर वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोग अपने आवेदनों और फाइलों को ऑनलाइन ट्रैक (track online) कर सकेंगे। चाहे वह प्रॉपर्टी आवंटन (property allotment) हो या अन्य दस्तावेज, आप अपने फोन या कंप्यूटर से हर अपडेट देख सकेंगे। यह कदम चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी (smart city) बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा।
पहले की गलतियों से सबक
पहले भी 2011 और 2021 में ऐसी कोशिशें की गई थीं, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के कारण वे पूरी नहीं हो सकीं। इस बार प्रशासन ने पुरानी गलतियों से सबक लिया है। अधिकारियों का दावा है कि इस बार प्रोजेक्ट को 90 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य सचिव और एस्टेट सचिव स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं ताकि कोई कमी न रहे। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पोर्टल यूजर-फ्रेंडली (user-friendly) हो और मोबाइल यूजर्स (mobile users) के लिए भी तेजी से लोड हो।
चंडीगढ़वासियों के लिए क्या बदलेगा?
इस डिजिटल पहल से चंडीगढ़ के निवासियों को कई तरह से फायदा होगा। सबसे पहले, आपको बार-बार अलग-अलग वेबसाइट्स पर लॉगिन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दूसरा, आप अपने आवेदन की स्थिति को रीयल-टाइम में देख सकेंगे। तीसरा, यह पोर्टल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता (transparency) लाएगा, जिससे भ्रष्टाचार और देरी की संभावना कम होगी। साथ ही, यह चंडीगढ़ को डिजिटल इंडिया (Digital India) और स्मार्ट सिटी (smart city) की दौड़ में और आगे ले जाएगा।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म (digital platform) न केवल चंडीगढ़ के लोगों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि यह प्रशासन को भी अधिक जवाबदेह बनाएगा। लोग अपनी शिकायतें (complaints) आसानी से दर्ज कर सकेंगे और उनकी प्रगति को ट्रैक (track online) कर सकेंगे। यह कदम न केवल समय और संसाधनों की बचत करेगा, बल्कि चंडीगढ़ को एक आधुनिक और तकनीक-संचालित शहर के रूप में स्थापित करेगा।
चंडीगढ़ प्रशासन की यह पहल निश्चित रूप से एक मील का पत्थर साबित होगी। अगर आप भी इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इस पोर्टल के लॉन्च होने का इंतजार करें और अपनी सरकारी सेवाओं (government services) को और आसान बनाएं।













