Chandigarh PGI News Work is being done on pneumonia flu vaccine for senior citizens: पीजीआई के कम्युनिटी मेडिसिन और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में चौथा पोस्टग्रेजुएट इंटरनेशनल वैक्सीनोलॉजी कोर्स सोमवार से शुरू हुआ। इसमें देशभर से करीब 70 प्रोफेशनल शामिल हुए। उद्घाटन समारोह में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
कोविड के दौरान वैक्सीनेशन प्रोग्राम की प्रिंसिपल इंवेस्टीगेटर रहीं प्रो. मधु गुप्ता इस कोर्स को कंडक्ट करवा रही हैं। प्रो. मधु गुप्ता ने कहा- अभी तक बच्चों के लिए वैक्सीन तो बहुत आई हैं, लेकिन अब एडल्ट के लिए वैक्सीन आ रही हैं। 60 साल के सीनियर सिटीजंस बढ़ गए हैं।
Chandigarh PGI News: लोगों को मुफ्त में मुहैया करवाई जाए
उनके निमोनिया और इन्फ्लुएंजा न्यूमोकोकल वैक्सीन के 21वें वेरिएंट पर काम चल रहा है। यह वैक्सीन 60 साल से ऊपर के लोगों को लगाई जाएगी। फिलहाल यह भी विचार है कि यह वैक्सीन इस एजग्रुप के लोगों को मुफ्त में मुहैया करवाई जाए। इसके अलावा बच्चों के लिए रेस्पिरेटरी सिन्सिटियल वायरस (आरएसवी) निमोनिया और वैक्सीन का नया वैरिएंट भी तैयार किया जा रहा है।
इस मौके पर नीति आयोग के मेंबर डॉ. वीके पॉल वर्चुअल रूप से चीफ गेस्ट रहे। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद भारत ने पूरी दुनिया को दिखाया है कि हमारे पास वो क्षमता है कि हम महामारी से लड़ने के लिए कम समय में एक वैक्सीन बनाकर अपने देश की पूरी जनता को लगाने के बाद दुनिया को भी देने में सक्षम हैं।
वैक्सीन के क्षेत्र में भारत को लीडर बनना है। डिपार्टमेंट के एचओडी प्रो. अरुण कुमार अग्रवाल, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ. राजीव रघुवंशी भी मौजूद रहे। वैक्सीन के क्षेत्र में बनना है आत्मनिर्भर.. प्रो. मधु गुप्ता ने कहा- हमारे देश में वैक्सीन के क्षेत्र में बहुत काम हो रहा है। स्मॉलपॉक्स, मीजल्स और पोलियो को हमने वैक्सीन से खत्म कर दिया है।
अब मौका है कि हम वैक्सीन के क्षेत्र में वर्ल्ड लीडर बनें। पीजीआई चंडीगढ़ का भी इसमें योगदान रहेगा। इस कोर्स के जरिए एक वर्कफोर्स तैयार की जा रही है। सीरम इंस्टीट्यूट में तैयार होने वाली वैक्सीन ग्लोबल मानकों के अनुरूप तैयार हो रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे साइंटिस्ट सस्ती दर पर वैक्सीन तैयार कर रहे हैं। सरकार चाहती है कि वैक्सीन के क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर बनें।
इनोवेशन और रिसर्च पर जोर
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ. राजीव रघुवंशी ने इनोवेशन, रेगुलेशन और वैक्सीन रिसर्च में भारत की भूमिका पर जोर दिया। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के डॉ. भूपिंदर त्रिपाठी ने वैक्सीन साइंस को आगे बढ़ाने, नेतृत्व, समानता और पब्लिक हेल्थ में नई तकनीक की बात की।
पंजाब मेडिकल काउंसिल की डॉ. रुपिंदर बक्शी ने क्रेडिट आवर्स पर जानकारी दी। स्मॉलपॉक्स उन्मूलन पर केस स्टडी और भारत की नेशनल वैक्सीन पॉलिसी पर डॉ. निर्मल के. गांगुली ने सत्र लिया। डॉ. जयप्रकाश मुलियिल ने वैक्सीनेशन के प्रभाव और वैक्सीन से रोकी जा सकने वाली बीमारियों पर नियंत्रण की रणनीतियों पर बात की।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के डॉ. प्रसाद कुलकर्णी ने वैक्सीन इंडस्ट्री की विकास में भूमिका पर बात की। दिन का समापन डॉ. स्टेनली ए. प्लॉटकिन के विशेष लेगसी लेक्चर से हुआ।












