Chandigarh Solar Rent a Roof, (चंडीगढ़) : चंडीगढ़ नगर निगम ने अपनी प्रॉपर्टी पर सोलर पैनल लगाने के लिए रेंट ए रूफ स्कीम को लागू कर दिया है। अब चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) की प्रॉपर्टी के लिए भी इसी तरह की स्कीम लाने की तैयारी जोरों पर है। चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) ने हाउसिंग बोर्ड के करीब 70 हजार मकानों को कवर करने का प्लान बनाया है।
जल्द ही सीनियर अफसरों की मीटिंग में इसका मॉड्यूल फाइनल होगा। इसका फायदा ये होगा कि CHB सोसाइटियों में बेकार पड़ी छतों पर प्राइवेट कंपनियां अपने खर्चे पर सोलर पैनल लगाएंगी। बदले में सोसाइटियों को फिक्स रेंट मिलेगा या बिजली बिल में छूट या लिफ्टों की बिजली के लिए फायदा दिया जाएगा। अभी चंडीगढ़ में सिर्फ नगर निगम ने अपनी प्रॉपर्टी के लिए ये स्कीम लागू की है।
चंडीगढ़ रेंट ए रूफ सोलर स्कीम लागू
चंडीगढ़ में ओपन एरिया की कमी के कारण सोलर एनर्जी के बड़े प्लांट लगाना मुश्किल है। इसलिए ज्यादातर बिल्डिंग्स की छतों पर प्लांट लगाए जा रहे हैं। सरकारी प्रॉपर्टी लगभग कवर हो चुकी है। प्राइवेट में भी कई जगहों पर प्लांट लग चुके हैं। अब CHB के पास शहर में सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी है, जहां सोलर प्लांट लगाने से कई मेगावॉट बिजली जेनरेट हो सकेगी। इसमें स्मॉल फ्लैट्स स्कीम 2006 के तहत धनास और अन्य एरिया में बने हजारों मकान शामिल हैं। साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट CHB के रेजिडेंट्स, RWAs और फेडरेशन के साथ मीटिंग करेगा। सेक्रेटरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने अफसरों को CHB के साथ मीटिंग बुलाने के निर्देश दिए हैं।
अभी तक चंडीगढ़ में करीब 90 मेगावॉट
चंडीगढ़ में अब तक करीब 90 मेगावॉट तक के सोलर प्लांट लग चुके हैं। 279.81 मिलियन यूनिट बिजली सोलर प्लांट्स के जरिए जेनरेट हो चुकी है। हर साल 117.915 मिलियन यूनिट बिजली सोलर से बन रही है। करीब 59 करोड़ रुपये की बिजली हर साल सोलर एनर्जी से जेनरेट हो रही है।
उत्तर भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट
उत्तर भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट सेक्टर-39 वाटर वर्क्स में लगाया जाएगा। करीब 4.5 मेगावॉट का ये प्लांट होगा। इस वाटर वर्क्स में 12 मेगावॉट से ज्यादा तक सोलर प्लांट इंस्टॉल हो जाएंगे। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से शहर के अलग-अलग एरिया के लिए स्टडी करवाई जा रही है, जिसमें सोलर प्लांट कहां लग सकते हैं, इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी।
250 किमी. के साइकिल ट्रैक पर भी सोलर प्लांट
रिपोर्ट के आधार पर शहर के करीब 250 किलोमीटर के साइकिल ट्रैक में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी है। इसके अलावा अलग-अलग पार्किंग एरिया में भी सोलर प्लांट लगेंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को चार्जिंग के लिए पब्लिक स्टेशन में बिजली सोलर से जेनरेट होगी। इसके लिए चार जगहें सेलेक्ट की गई हैं। इनमें से एक IT पार्क में पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन बनेगा। शहर के अन्य एरिया में तीन और स्टेशन बनेंगे।







