चंडीगढ़, Sukhna Lake Water Level: चंडीगढ़ की मशहूर सुखना लेक खतरे में है! इस बार मानसून में झील के फ्लडगेट 10 बार खोलने पड़े, क्योंकि गाद और रेत ने इसकी जल धारण क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहले 16 फीट गहरी यह झील अब सिर्फ 10-11 फीट रह गई है। यानी 5 फीट हिस्सा गाद से भर चुका है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अब इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (IOH) की मदद लेने का फैसला किया है, जो झील के विकास और प्रबंधन के लिए योजना बनाएगा।
चंडीगढ़ सुखना लेक की रुकी सफाई
2008 तक सुखना लेक में सरकारी और सामाजिक स्तर पर सफाई अभियान चलते थे। कार सेवा भी होती थी। लेकिन पिछले 18 सालों से न गाद निकाली गई, न कोई ठोस कदम उठाया गया। हर साल कैचमेंट एरिया के चेकडैम साफ किए जाते थे, मगर इस बार एक भी चेकडैम की गाद नहीं हटाई गई। नतीजतन, प्री-मानसून बारिश में रेत सीधे झील तक पहुंच गई, जिसने हालात और बिगाड़ दिए।
खतरे के निशान पर जलस्तर
इस मानसून में 1000 मिमी से ज्यादा बारिश हुई, जिसके चलते अगस्त और सितंबर में फ्लडगेट 10 बार खोलने पड़े। पहले 2008, 2018 और 2023 में भारी बारिश के बावजूद गेट 2-4 बार ही खुले थे। अब हर तीसरे दिन जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच रहा है, जो चिंता का सबब है।
IOH की मदद से सुधार की उम्मीद
प्रशासन ने IOH को सुखना लेक के लिए व्यापक योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। वैज्ञानिक सुझावों के आधार पर झील की सफाई और प्रबंधन को बेहतर करने की कोशिश होगी, ताकि इसकी खूबसूरती और उपयोगिता बरकरार रहे।












