Chandigarh TET Mandatory, (चंडीगढ़) : सुप्रीम कोर्ट ने टीचर्स के लिए नया नियम लागू कर दिया है, जिसने चंडीगढ़ के करीब 2400 टीचर्स को परेशानी में डाल दिया है। कोर्ट ने 1 सितंबर को आदेश दिया कि सभी टीचर्स को नौकरी में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (टेट) पास करना होगा। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने साफ कहा कि जिन टीचर्स की नौकरी को 5 साल से ज्यादा समय बचा है, उन्हें टेट क्वालिफाई करना जरूरी होगा। ऐसा न करने पर उन्हें जबरन रिटायरमेंट लेना पड़ सकता है। हालांकि, माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशंस पर ये नियम लागू होगा या नहीं, इसका फैसला बड़ी बेंच करेगी।
चंडीगढ़ में विरोध की लहर
इस फैसले से देशभर के टीचर्स नाराज हैं, और चंडीगढ़ में भी हलचल मची है। यहां के करीब 2400 रेगुलर और कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। चंडीगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के लीगल एडवाइजर अरविंद राणा ने बताया कि 2015 में जेबीटी और टीजीटी के 1000 पदों, 2024 में 600 पदों, और समग्र शिक्षा के तहत 2010, 2013, 2019, 2023 में 700 पदों पर भर्ती हुए टीचर्स पर ये नियम लागू नहीं होगा। लेकिन इससे पहले भर्ती हुए टीचर्स प्रभावित होंगे। टीचर्स का कहना है कि 24-25 साल नौकरी करने के बाद अब टेट पास करने का नियम ठीक नहीं। वे इसके खिलाफ केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और एनसीटीई को पत्र लिखने की तैयारी कर रहे हैं।
क्या है टेट एग्जाम?
टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टेट) एक राष्ट्रीय स्तर का एग्जाम है, जो यह तय करता है कि कोई व्यक्ति कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने के लिए योग्य है या नहीं। इसे 2010 में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने अनिवार्य किया था। सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला तमिलनाडु और महाराष्ट्र की याचिकाओं पर आया है। टीचर्स का कहना है कि एनसीटीई की 2010 और 2011 की अधिसूचनाओं में साफ लिखा है कि 2001 और 2002 के नियमों से भर्ती हुए टीचर्स पर टेट अनिवार्य नहीं है। फिर भी कोर्ट ने इसे नजरअंदाज किया।
क्या है पूरा मामला?
राइट टू एजुकेशन (आरटीई) एक्ट, 2009 के तहत एनसीटीई ने 2010 में टेट को अनिवार्य किया था। टीचर्स को टेट पास करने के लिए 5 साल का समय दिया गया था, जिसे बाद में 4 साल और बढ़ाया गया। मद्रास हाईकोर्ट ने जून 2025 में कहा था कि 2011 से पहले भर्ती हुए टीचर्स को नौकरी में रहने के लिए टेट पास करना जरूरी नहीं, लेकिन प्रमोशन के लिए जरूरी होगा। अब सुप्रीम कोर्ट ने नौकरी और प्रमोशन दोनों के लिए टेट को अनिवार्य कर दिया। चंडीगढ़ के डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने कहा कि कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर उसका पालन किया जाएगा।













