Chandigarh Van Mahotsav 1.17 lakh saplings planted in one day, set a record! Know the Green Plan: चंडीगढ़ का ग्रीन कवर 51.54% है। इसे और बढ़ाने की कोशिश है। वन महोत्सव के तहत शनिवार को पहले दिन रिकॉर्ड 1,17,836 पौधे लगाए गए। पूरे मॉनसून सीजन में 5,53,902 पौधे लगेंगे। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने राजिंद्रा पार्क से प्लांटेशन ड्राइव की शुरुआत की।
Chandigarh Van Mahotsav: ग्रीनिंग एक्शन प्लान 2025-26 जारी
वह खुद 23 लोकेशंस पर गए, पौधे भी लगाए और प्लांटेशन का जायजा लिया। प्रशासन के विभागों से लेकर स्कूल-कॉलेज और संस्थान भी प्लांटेशन में योगदान देंगे। राजिंद्रा पार्क में ही प्रशासक ने ग्रीनिंग एक्शन प्लान 2025-26 जारी किया। इसके साथ ही शहर का ट्री मैप, क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान 2.0 भी जारी किया गया। कटारिया ने पौधे लगाने के साथ ही इनको मेंटेन करने की भी अपील की।
फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट ने शहर में कई लोकेशंस की पहचान की है जहां प्लांटेशन की जाएगी। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की नर्सरी से जो लोग पौधे लेंगे उनको एक अंडरटेकिंग देनी होगी कि अगले तीन साल तक पौधों को मेंटेन करेंगे। पौधों की सरवाइवल रेट ज्यादा रहे, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
डिपार्टमेंट संबंधित लोकेशंस की इंस्पेक्शन करेगा। पूरे शहर में 318 साइट्स पर पौधे लगाए गए। कटारिया ने राजिंद्रा पार्क में कहा- ये सिर्फ एनुअल ईवेंट नहीं बल्कि हमारे घर की भलाई के लिए एक गंभीर प्रतिज्ञा के रूप में मनाया जाना चाहिए। वन महोत्सव सिर्फ पेड़ लगाने के बारे नहीं है, यह आशा, संतुलन और भविष्य के बारे में है। वृक्षों का अर्थ है जल, जल से रोटी और रोटी से ही जीवन । प्रशासक ने कपूर, आम, गुलमोहर, कचनार और तुलसी के पौधे लगाए। मेयर हरप्रीत कौर बबला व अन्य अफसर भी मौजूद रहे।
देश में पहली बार किसी शहर का ट्री मैप बना है
वन महोत्सव पर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शहर के लिए तीन डॉक्यूमेंट्स और स्टेट एन्वायर्नमेंट रिपोर्ट जारी की। इसमें हाल ही में केंद्र से मंजूर स्टेट एक्शन प्लान फॉर क्लाइमेट चेंज, चंडीगढ़ का टी मैप, ग्रीनिंग एक्शन प्लान शामिल हैं। चंडीगढ़ में सभी विभागों के काम इन्हीं डॉक्यूमेंट्स के आधार पर होंगे।
स्टेट एक्शन प्लान फॉर अगले क्लाइमेट चेंज
10 साल के लिए बनाए गए डॉक्यूमेंट में चंडीगढ़ में करीब 9000 करोड़ रुपए के काम होने हैं। क्लाइमेट चेंज के प्रभावों को किस तरह कम करना है इस पर फोकस है। वर्ष 2030 तक के लिए नगर निगम, इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, प्रशासन, फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ, आरएलए क्रेस्ट सोसाइटी व अन्य विभागों को मिलकर ये काम करने हैं। वर्ष 2030 तक कार्बन एमिशन बिल्कुल कम किया जाएगा। इसके लिए ट्रांसपोर्ट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को क्लीन फ्यूल पर शिफ्ट करने, ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के इस्तेमाल पर फोकस रखा गया है।
2 साल में तैयार हुआ देश में पहली बार किसी शहर का ट्री मैप बना है। एक्सपर्ट्स की कमेटी ने फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ और एन्वायर्नमेंट डिपार्टमेंट के साथ मिलकर 2 साल में इस मैप को तैयार किया है। इसमें शहर के सभी एरिया में किस तरह के पेड़ लगे हैं, उनमें क्या उन क्या समस्याएं हैं उसको भी बताया गया है। मैप का इस्तेमाल आगे डिजिटली भी किया जाएगा। इससे शहर में ग्रीनरी को लेकर मौजूदा समस्याओं और एरियावाइज प्लांटेशन की जानकारी मिलेगी।
ग्रीनिंग एक्शन प्लान
वर्ष 2025-26 के लिए बनाए गए इस डॉक्यूमेंट में प्लांटेशन के टारगेट तय किए गए हैं। कौन से विभाग किस एरिया में किस तरह के लगाएगा, यह भी तय किया गया है। इस बार 5 लाख से ज्यादा पौधे लगेंगे। प्रमुख सड़कों में ही करीब 2800 से ज्यादा पेड़ों के गैप को भरा जाएगा।













