Chandigarh Womens Employment Participation – Women are strong at home and at work, men are behind: चंडीगढ़ की महिलाएं रोजगार और इसी से संबंधित बाकी एक्टिविटीज के मामले में देश में 14वें स्थान पर हैं। हाल ही में सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायर्नमेंट ने रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के हिसाब से चंडीगढ़ में रोजगार और इसी से संबंधित एक्टिविटीज पर महिलाओं की भागीदारी 22.1% की है जो कि पूरे देश में 14वें नंबर पर है।
Chandigarh: चंडीगढ़ महिलाओं की रोजगार भागीदारी
हालांकि पंजाब और हरियाणा से कंपेरेजन करें तो यहां की महिलाओं से ज्यादा भागीदारी चंडीगढ़ की महिलाओं की रोजगार में रहती है। पंजाब में महिलाओं की भागीदारी 19.6% की है तो हरियाणा में ये रोजगार पर जाने वाली महिलाओं का परसेंटेज 14% है।
हालांकि महिलाओं का प्रति दिन अपने परिवार वालों की देखरेख के लिए ही ज्यादा टाइम खर्च होता है। इसमें पुरुषों की भागीदारी हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में काफी कम है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटेस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ये आंकड़े रिपोर्ट में दिए गए हैं।
इसके हिसाब से हरियाणा में महिलाओं का एवरेज 5 घंटे 2 मिनट का टाइम हर रोज परिवार वालों की देखरेख में लगता है वहीं पंजाब में परिवार की देखरेख के लिए महिलाएं 4 घंटे 54 मिनट का टाइम देती है।
वहीं चंडीगढ़ में घरवालों की देखरेख में महिलाएं हर रोज 4 घंटे 3 मिनट लगाती हैं। इस तरह से देखें तो परिवार के सदस्यों की देखरेख के लिए पंजाब और हरियाणा की महिलाओं के मुकाबले चंडीगढ़ में महिलाएं करीब 1 घंटा कम लगाती हैं।
चंडीगढ़ में क्या है हाल?
• 66.6% रोजगार या संबंधित एक्टिविटी में पुरुषों की भागीदारी।
• 22.1% रोजगार या संबंधित एक्टिविटी में महिलाओं की भागीदारी।
• 29.5% पुरुषों की भागीदारी परिवार वालों की देखरेख के लिए।
• 77.9% महिलाओं की भागीदारी परिवार वालों की देखरेख के लिए।
• 8.47 घंटे हर रोज पुरुष रोजगार या संबंधित एक्टिवीटीज में लगाता है 7.03 घंटे रोज महिला रोजगार या संबंधित एक्टिविटीज में लगाती हैं।
• 1.49 घंटे ही पुरुष परिवार वालों की देखरेख के लिए खर्च करता है। 4.03 घंटे महिला परिवार वालों की देखरेख में हर रोज बिताती है।
पंजाब में कितनी है भगीदारी?
• 64.4% रोजगार या संबंधित एक्टिविटी में पुरुषों की भागीदारी।
• 19.6% रोजगार या संबंधित एक्टिविटी में महिलाओं की भागीदारी।
• 27.2% पुरुषों की भागीदारी परिवार वालों की देखरेख के लिए।
• 82% महिलाओं की भागीदारी परिवार वालों की देखरेख के लिए।
• 8.15 घंटे हर रोज पुरुष रोजगार या संबंधित अन्य एक्टिवीटीज में लगाता है।
• 5.30 घंटे हर रोज महिला रोजगार या संबंधित एक्टिविटीज में लगाती हैं।
• 1.35 घंटे ही पुरुष परिवार वालों की देखरेख के लिए खर्च करता है।
• 4.54 घंटे महिला परिवार वालों की देखरेख में हर रोज बिताती है रोजगार में।
हरियाणा में कुछ ऐसा है आंकड़ा
• 60.6% रोजगार या संबंधित एक्टिविटी में पुरुषों की भागीदारी।
• 14% रोजगार या संबंधित एक्टिविटी में महिलाओं की भागीदारी।
• 23.3% पुरुषों की भागीदारी परिवार वालों की देखरेख के लिए।
• 78.4% महिलाओं की भागीदारी परिवार वालों की देखरेख के लिए।
• 8.30 घंटे हर रोज पुरुष रोजगार या संबंधित एक्टिवीटीज में लगाता है।
• 5.52 घंटे हर रोज महिला रोजगार या संबंधित एक्टिविटीज में लगाती हैं।
• 1.23 घंटे ही पुरुष परिवार वालों की देखरेख के लिए खर्च करता है।
• 5.02 घंटे महिला परिवार वालों की देखरेख में हर रोज बिताती है
पुरुष परिवार की देखरेख में बहुत कम टाइम देते हैं
रिपोर्ट के हिसाब से पुरुषों का ज्यादा टाइम रोजगार या इससे संबंधित कामों में ज्यादा लगता है। लेकिन घर के बाकी मेंबर्स की देखरेख के लिए वे बहुत कम टाइम देते हैं।












