Panipat forensic lab, (पानीपत) : पानीपत में अब क्राइम की जांच तेज करने के लिए एक मिनी फॉरेंसिक साइंस लैब शुरू होने जा रही है। इससे मधुबन लैब पर बोझ कम होगा और न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी। इस लैब में साइबर लैब, वॉयस सैंपल, फिंगर प्रिंट और पार्सल कलेक्शन की सुविधा होगी। अब साइबर मामलों की रिपोर्ट, जो पहले दो साल तक लटकती थी, सिर्फ 7 से 10 दिन में मिल जाएगी। शहर थाने के पास एफएसएल ऑफिस में इसके लिए जगह तैयार की गई है, और चारों सुविधाओं के लिए अलग-अलग कमरे बनाए गए हैं। इस साल के अंत तक लैब पूरी तरह शुरू होने की उम्मीद है।
साउंड प्रूफ रूम की सुविधा
पहले रंगदारी, फिरौती या रिश्वत जैसे मामलों में वॉयस सैंपल के लिए पुलिस को रोहतक या मधुबन लैब जाना पड़ता था। वहां भारी वर्कलोड के कारण 3 महीने की तारीख और 6 महीने में रिपोर्ट मिलती थी। लेकिन अब पानीपत में साउंड प्रूफ रूम बनने से वॉयस सैंपल की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी हो जाएगी। इसके अलावा, फिंगर प्रिंट रूम भी तैयार किया जा रहा है, जिससे जांच प्रक्रिया और तेज होगी।
साइबर लैब से तेजी
साइबर क्राइम की जांच में देरी एक बड़ी समस्या थी। करीब 3,500 साइबर मामलों की रिपोर्ट पेंडिंग हैं, और 25 मामलों में साइबर थाना पुलिस को इंतजार करना पड़ रहा है। पहले साइबर सैंपल के लिए पंचकूला जाना पड़ता था, जहां रिपोर्ट में डेढ़ से दो साल लगते थे। अब पानीपत में साइबर लैब बनने से 10 दिन में रिपोर्ट मिलेगी। बड़े मामलों में ही पंचकूला लैब की मदद ली जाएगी। साइबर लैब में रिपोर्टिंग ऑफिसर, साइबर एक्सपर्ट, साइंटिफिक ऑफिसर, डेटा एनालिस्ट और फोटोग्राफर की एक पूरी यूनिट होगी।
पार्सल कलेक्शन से समय की बचत
पहले जांच अधिकारी अलग-अलग सैंपल लेकर मधुबन लैब जाते थे, जिससे समय और पैसे की बर्बादी होती थी। अब पानीपत में पार्सल कलेक्शन रूम बनाया जा रहा है, जहां जिले के सभी सैंपल इकट्ठा होंगे। सैंपल का प्रारंभिक परीक्षण यहीं होगा, और फिर एक जवान सभी सैंपल मधुबन ले जाएगा। इससे मैनपावर और खर्च दोनों की बचत होगी। जिला एफएसएल इंचार्ज डॉ. नीलम आर्य ने बताया कि यह लैब न्याय प्रक्रिया को तेज करेगी और छोटे मामलों की रिपोर्ट 10 दिन में मिलेगी।












