Delhi Panipat Namo Bharat Train Stations : दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर परियोजना के तहत पानीपत जिले में तीन प्रमुख स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। 136.30 किलोमीटर लंबे इस आधुनिक कॉरिडोर को सिवाह बस स्टैंड और रेलवे नेटवर्क से सीधे जोड़ा जाएगा। हरियाणा सरकार ने इस 33,051 करोड़ रुपये की परियोजना में 7,472 करोड़ रुपये की वित्तीय हिस्सेदारी तय करते हुए इसे ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति में शामिल किया है।
Delhi panipat rapid rail stations list : दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर के धरातल पर उतरने के साथ हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बदलने वाली है। 136.30 किलोमीटर लंबे इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण पर लगभग 33,051 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस महापरियोजना में हरियाणा सरकार 7,472 करोड़ रुपये की सीधी हिस्सेदारी वहन कर रही है।
इस हाई-स्पीड रेल सेवा के शुरू होने से दिल्ली से पानीपत और करनाल के बीच दैनिक आवागमन करने वाले नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और छात्रों को तेज और जाम-मुक्त सफर मिलेगा। इससे नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक दबाव घटेगा और दिल्ली-एनसीआर के साथ कनेक्टिविटी बेहद सुगम हो जाएगी।
पानीपत में तीन नए स्टेशन
परियोजना की रूपरेखा के अनुसार पानीपत जिले की सीमा में तीन नमो भारत स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इनमें पहला स्टेशन समालखा में, दूसरा सिवाह नए बस स्टैंड के पास और तीसरा स्टेशन पानीपत शहर के भीतर बनेगा।
योजना के तहत सिवाह बस स्टैंड के समीप बनने वाला स्टेशन पूरी तरह एलिवेटेड होगा, जबकि शहर की घनी आबादी वाले हिस्से में एक स्टेशन को भूमिगत बनाया जाएगा। इसके अलावा भविष्य के विस्तार को देखते हुए सेक्टर-18 में भी एक अतिरिक्त स्टेशन के लिए स्थान चिह्नित किया गया है।
मल्टी-मॉडल बस स्टैंड कनेक्टिविटी
ग्रैंड ट्रंक (जीटी) रोड पर स्थित पानीपत के नए सिवाह बस स्टैंड को सीधे नमो भारत एलिवेटेड स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इस मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के बनने से यात्रियों को बस से उतरकर रैपिड रेल पकड़ने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
रेलवे, अंतरराज्यीय बस अड्डे और रैपिड रेल के एक ही नेटवर्क में जुड़ने से दैनिक यात्रियों को बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधी यात्रा की सुविधा मिलेगी।
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टीओडी नीति से नियोजित विकास
हरियाणा सरकार ने 22 सितंबर को इस रेल कॉरिडोर को आधिकारिक तौर पर ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के दायरे में शामिल कर लिया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों में सुव्यवस्थित आवासीय और व्यावसायिक निर्माण को बढ़ावा देना है।
स्टेशनों के आसपास होने वाले नए निर्माणों को पहले से ही भविष्य के सार्वजनिक परिवहन प्रवाह को ध्यान में रखकर स्वीकृत किया जाएगा। इससे आने वाले वर्षों में स्टेशनों के निकट अव्यवस्थित बसावट और ट्रैफिक जाम जैसी गंभीर समस्याओं पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
अस्वीकरण: यह खबर दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत परियोजना के आधिकारिक डीपीआर और हरियाणा सरकार द्वारा जारी नीतिगत विवरण पर आधारित है। #NamoBharat #HaryanaNews #PanipatRapidRail #DelhiPanipatCorridor









