Delhi Red Fort Blast update in hindi: दिल्ली में सोमवार को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके को लेकर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। कोतवाली थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18 के साथ विस्फोटक अधिनियम व बीएनएस की कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
Delhi Red Fort Blast
दिल्ली में सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी स्पीड से गुजर रही एक कार में जोरदार धमाका हो गया। इसमें अब तक कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लोग घायल हैं। सभी घायलों को लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, ये धमाका भीड़भाड़ वाले इलाके में पीक टाइम पर हुआ, जिससे आसपास की कई गाड़ियां जलकर राख हो गईं। कई वाहनों के शीशे भी चटक गए। दमकल विभाग ने बताया कि आग से छह कारें, दो ई-रिक्शा और एक ऑटोरिक्शा पूरी तरह जल गए।
पुलिस सभी एंगल से कर रही जांच
पुलिस का कहना है कि धमाका एक चलती हुंडई i20 कार में हुआ, जिसमें तीन लोग सवार थे। जांच में ये पता लगाया जा रहा है कि कहीं ये आत्मघाती हमला तो नहीं था। हर कोण से छानबीन हो रही है। एक सीनियर पुलिस अफसर ने कहा, ‘‘घायलों के शरीर में कोई छर्रा या पंचर मार्क नहीं मिला, जो बम ब्लास्ट में आमतौर पर होता है।
हम हर एंगल चेक कर रहे हैं।’’ अफसर ने बताया कि देर शाम कार मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में लिया गया और उससे गाड़ी के बारे में पूछताछ की जा रही है। दिल्ली में हाई अलर्ट जारी है, बॉर्डर पर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है और वाहनों की चेकिंग तेज कर दी गई है।
गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने लिया स्थिति का जायजा
इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और आईबी डायरेक्टर से बात कर पूरी सिचुएशन का जायजा लिया। उन्होंने एनएसजी, एनआईए और फॉरेंसिक लैब के हेड्स को ऑर्डर दिया कि स्पेशल टीम भेजकर जांच में मदद करें और सबूत इकट्ठा करें। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी हालात देखे और गृह मंत्री शाह से बात की। उन्होंने ब्लास्ट में गई जानों पर दुख जताया। अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि कार के रूट का पता चले कि ब्लास्ट से पहले वो कहां-कहां से गुजरी। लोकल लोगों से पूछताछ हो रही है और आई-विटनेस से घटना से पहले किसी संदिग्ध एक्टिविटी की जानकारी मांगी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल डंप डेटा कलेक्ट किया जा रहा है और संदिग्ध आतंकियों के डॉक्यूमेंट्स चेक हो रहे हैं।












