ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Earthquake in Haryana: हरियाणा में फिर आया भूकंप, दो दिन में दो बार हिला, बढ़ी चिंता

On: जुलाई 17, 2025 2:49 अपराह्न
Follow Us:
Earthquake in Haryana: हरियाणा में फिर आया भूकंप, दो दिन में दो बार हिला, बढ़ी चिंता
Join WhatsApp Group

Earthquake in Haryana: Earthquake strikes again in Haryana, shakes twice in two days, concern increases: हरियाणा में भूकंप (Earthquake in Haryana) की खबर ने एक बार फिर लोगों को हैरान कर दिया है। गुरुवार दोपहर 12:34 बजे राज्य के झज्जर जिले में धरती हल्की सी कांपी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 2.5 मापी गई, जिसे कई अन्य जिलों में भी महसूस किया गया।

हालांकि तीव्रता कम होने की वजह से कोई नुकसान की खबर सामने नहीं आई, लेकिन फिर भी लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। खासकर संवेदनशील इलाकों में अलर्ट बढ़ गया है।

रात में भी कांपी ज़मीन, लगातार दो दिन महसूस हुए झटके Earthquake in Haryana

जींद की बेटी नीरू ढांडा ने रचा इतिहास: एशियन गेम्स में तोड़ा एशियाई रिकॉर्ड, जीता गोल्ड मेडल | neeru-dhanda-wins-gold-medal-asian-games-2026-womens-trap-shooting
जींद की बेटी नीरू ढांडा ने रचा इतिहास: एशियन गेम्स में तोड़ा एशियाई रिकॉर्ड, जीता गोल्ड मेडल

इससे पहले बुधवार और गुरुवार की रात को भी रोहतक में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रात करीब 12:46 बजे जैसे ही कंपन शुरू हुई, लोग डर के मारे घरों से बाहर आ गए। कई इलाकों में लोग सड़कों पर रात भर जगे रहे। इस घटना से यह स्पष्ट हो गया कि हरियाणा में फिर से (low intensity tremors Haryana) की सक्रियता बढ़ रही है।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। फिर भी लगातार दो दिनों तक धरती का हिलना चिंता का विषय बन गया है।

हरियाणा के 12 जिले भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील

वीटा और अमूल की सप्लाई पर संकट: हरियाणा के पशुपालकों ने किया 1 से 3 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान | haryana-milk-supply-strike-october-sirsa-farmers-vita-amul
वीटा और अमूल की सप्लाई पर संकट: हरियाणा के पशुपालकों ने किया 1 से 3 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान

विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा के कुछ इलाके भूकंप के खतरे के लिहाज से अति संवेदनशील हैं। इनमें झज्जर, रोहतक, पानीपत, करनाल, महेंद्रगढ़, पंचकूला, अंबाला, सोनीपत, गुरुग्राम, नूंह, पलवल और फरीदाबाद जैसे 12 जिले शामिल हैं (Haryana seismic zone)।

इन क्षेत्रों में कभी भी हल्के से लेकर मध्यम तीव्रता के झटके आ सकते हैं। इस कारण यहां के नागरिकों को समय-समय पर भूकंप से संबंधित जानकारी और सुरक्षा उपायों से अवगत कराना जरूरी है।

कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े | haryana-monsoon-2026-paddy-production-loss-drought-impact-district-wise-report
कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment