Electricity Tariff Haryana: New rule of electricity bill, how much increase will your bill be? Know the truth!: बिजली टैरिफ हरियाणा (Electricity Tariff Haryana) में अप्रैल 2025 से नई दरें लागू होने जा रही हैं। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने हाल ही में बिजली की कीमतों में संशोधन की घोषणा की है। यह बदलाव सात साल बाद हो रहा है, जो उपभोक्ताओं के लिए कई सवाल खड़े करता है। क्या बिल बढ़ेंगे? क्या राहत मिलेगी? आइए, इस बदलाव को आसान भाषा में समझते हैं।
हरियाणा में बिजली की कीमतें (electricity rates) लंबे समय तक स्थिर रही थीं। बढ़ती लागत और परिचालन खर्चों के बावजूद, डिस्कॉम्स ने वित्तीय अनुशासन और बेहतर दक्षता के जरिए कीमतों को नियंत्रित रखा। पिछले एक दशक में तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान (AT&C losses) को 29% से घटाकर 10% तक लाया गया है। यह उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। लेकिन नई दरें क्या ला रही हैं? चलिए, विस्तार से देखते हैं।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत और बदलाव Electricity Tariff Haryana
घरेलू उपभोक्ताओं (domestic consumers) के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि न्यूनतम मासिक शुल्क (MMC) को पूरी तरह हटा दिया गया है। यह कदम छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के लिए राहतकारी है। श्रेणी-I (2 किलोवाट तक लोड, 100 यूनिट तक खपत) के उपभोक्ताओं के बिल में 2014-15 की तुलना में 49% से 75% तक की कमी आई है। 2024-25 की तुलना में बिल में 10% से कम की वृद्धि हुई है।
श्रेणी-II (5 किलोवाट तक लोड) के लिए बिल में 3% से 9% की बढ़ोतरी देखी गई है। लेकिन 2014-15 की तुलना में अधिकांश उपभोक्ताओं के बिल कम हुए हैं। श्रेणी-III (5 किलोवाट से अधिक लोड) में 5% से 7% की वृद्धि है। कुल मिलाकर, 94% घरेलू उपभोक्ता श्रेणी-I और II में आते हैं, जो इस बदलाव से ज्यादा प्रभावित नहीं होंगे।
कुछ भ्रामक खबरें (misleading claims) दावा कर रही हैं कि बिल चार गुना बढ़ गए हैं। यह पूरी तरह गलत है। बिजली बिलों की तुलना पिछले साल के समान महीने से करनी चाहिए, क्योंकि खपत का पैटर्न बदलता रहता है। हरियाणा में निश्चित शुल्क (fixed charges) 0 से 75 रुपये/किलोवाट तक और ऊर्जा शुल्क (energy charges) 7.50 रुपये/यूनिट पर रखा गया है, जो पड़ोसी राज्यों (neighboring states) की तुलना में कम है।
HT और LT उपभोक्ताओं के लिए नई दरें
हाई टेंशन (HT consumers) और लो टेंशन (LT consumers) उपभोक्ताओं के लिए भी टैरिफ में बदलाव हुआ है। HT श्रेणी में 7% से 10% की वृद्धि और LT श्रेणी में 4% से 7% की बढ़ोतरी देखी गई है। फिर भी, हरियाणा के टैरिफ पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम हैं। उदाहरण के लिए, पड़ोसी राज्यों में LT उपभोक्ताओं के लिए निश्चित शुल्क 450 रुपये/किलोवाट और HT के लिए 475 रुपये/किलोवाट तक है। ऊर्जा शुल्क भी 8.95 रुपये/यूनिट (LT) और 7.75 रुपये/यूनिट (HT) तक है।
हरियाणा में छोटे और मध्यम LT उपभोक्ताओं के लिए प्रभाव न्यूनतम है। यह डिस्कॉम्स की लागत प्रभावी नीतियों (cost-effective policies) का नतीजा है। उपभोक्ताओं को सस्ती और निर्बाध बिजली (affordable electricity) देने की प्रतिबद्धता बरकरार है।
किसानों के लिए विशेष राहत
कृषि उपभोक्ताओं (agricultural consumers) के लिए हरियाणा सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। मीटर्ड कनेक्शन पर केवल 10 पैसे/यूनिट और फ्लैट रेट पर 15 रुपये/BHP/माह देना होगा।
शेष राशि का अनुदान (subsidy) राज्य सरकार वहन करेगी। MMC को भी कम कर 180 रुपये (15 BHP तक) और 144 रुपये (15 BHP से अधिक) कर दिया गया है। यह कदम किसानों को प्रोत्साहित करने और उनकी लागत कम करने के लिए उठाया गया है।
हरियाणा डिस्कॉम्स की यह पहल उपभोक्ता-केंद्रित (consumer-centric) नीतियों का हिस्सा है। बिजली की कीमतों में संतुलन बनाए रखते हुए, यह सुनिश्चित किया गया है कि उपभोक्ताओं पर बोझ न पड़े।










