Free sports coaching The future of children in Chandigarh government schools will improve: फ्री स्पोर्ट्स कोचिंग (Free Sports Coaching) की शुरुआत चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में एक नई उम्मीद लेकर आई है। शिक्षा विभाग ने शहर के बच्चों को खेलों में निखारने के लिए एक खास योजना शुरू की है, जिसमें सरकारी स्कूलों के साथ-साथ आसपास रहने वाले बच्चे भी मुफ्त कोचिंग का लाभ उठा सकेंगे। इस पहल का मकसद न केवल बच्चों को खेलों से जोड़ना है, बल्कि उनकी छिपी प्रतिभा को उभारकर भविष्य के खिलाड़ी तैयार करना है। आइए, इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Free sports coaching: मुफ्त कोचिंग का सुनहरा अवसर
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में फ्री स्पोर्ट्स कोचिंग (Free Sports Coaching) की योजना शुरू की है। इसके तहत मान्यता प्राप्त खेल संघ (sports associations) स्कूलों में बच्चों को प्रशिक्षण देंगे। कोचिंग पूरी तरह मुफ्त होगी, और मैदानों की देखरेख की जिम्मेदारी भी शिक्षा विभाग उठाएगा। इस योजना से बच्चों को खेलों में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा और उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा। पहले चरण में 18 खेलों को चुना गया है, जिनमें बच्चे अपनी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण ले सकेंगे।
आसपास के बच्चे भी होंगे शामिल
यह योजना केवल स्कूल के बच्चों तक सीमित नहीं है। शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि स्कूल के पास रहने वाले बच्चे भी इस फ्री स्पोर्ट्स कोचिंग (Free Sports Coaching) का हिस्सा बन सकते हैं। इसका उद्देश्य स्कूल के खेल मैदानों (school playgrounds) का अधिकतम उपयोग करना है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल टाइम के बाद ये मैदान खाली नहीं रहेंगे, बल्कि बच्चों के लिए खेल का केंद्र बनेंगे। इससे न केवल स्कूल के छात्र, बल्कि स्थानीय बच्चे भी खेलों में अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे।
आवेदन प्रक्रिया और चयन
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने खेल संघों से 29 मई 2025 तक आवेदन मांगे हैं। इच्छुक खेल संघों को अपने आवेदन सीलबंद लिफाफे में शिक्षा निदेशालय, सेक्टर-9, चंडीगढ़ में जमा करना होगा। इन आवेदनों की जांच एक विशेषज्ञ समिति (expert committee) करेगी। चुने गए खेल संघों को प्रेजेंटेशन देने के लिए बुलाया जाएगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग (quality coaching) मिले। शिक्षा विभाग का यह कदम पारदर्शी और प्रभावी है।
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि खेलों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा मिले।” इस योजना से न केवल बच्चों को मुफ्त ट्रेनिंग (free training) मिलेगी, बल्कि उन्हें जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यह पहल बच्चों में खेल के प्रति रुचि बढ़ाएगी और भविष्य के खिलाड़ियों (future athletes) को तैयार करेगी। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल अब खेलों के नए केंद्र बनने की राह पर हैं, जो बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल सकता है।













