GMCH Admission will be given on 540 marks in Chandigarh quota, 600 in All India: इस बार नीट यूजी काउंसलिंग 2025 में सभी प्रमुख एमबीबीएस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों के लिए कटऑफ 2024 की तुलना में 90-100 नंबर कम होने की उम्मीद है। यहां तक कि प्रमुख एम्स के लिए कटऑफ भी 70-75 नंबर कम हो सकता है। एम्स में दाखिला 625 नंबर पर मिल सकता है।
वहीं, जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ का कटऑफ करीब 100 नंबर कम होगा। जीएमसीएच में ऑल इंडिया कोटा 600, चंडीगढ़ कोटा 540 नंबर पर मिलने की उम्मीद है। इसी तरह पंजाब और हरियाणा में लो स्कोर कटऑफ का पैटर्न ही चलेगा।
GMCH Admission: अभी मेरिट लिस्ट तैयार नहीं
यह कहना है एक्सपर्ट्स का कटऑफ कम होने की वजह है- पिछले 7 वर्षों (2018 के बाद से) में यह पहली बार है कि कोई भी उम्मीदवार 700 नंबर हासिल नहीं कर पाया है। जीएमसीएच-32 में रजिस्ट्रार सतपाल सिंह कहते हैं कि अब तक के ट्रेंड और लोगों से बातचीत के आधार पर इस बार स्टेट कोटा कटऑफ 565-570 तक रहने की उम्मीद है। हालांकि अभी मेरिट लिस्ट तैयार नहीं हुई है।
सिटी बेस्ड नीट एक्सपर्ट कुनाल सिंह कहते हैं- यूजी मेडिकल एग्जाम्स के इतिहास में इस बार का एग्जाम सबसे कठिन था, यही कटऑफ घटने का कारण है। चंडीगढ़ मे सिर्फ जीएमसीएच-32 में एमबीबीएस में 150 सीट्स पर एडमिशंस होती हैं।
15 प्रतिशत कोटा ऑल इंडिया और अन्य रिजर्वेशंस के बाद यूटी चंडीगढ़ के लिए 115 सीटें बचती हैं। पिछले सालों में यह भी देखा गया है कि ऑप्शंस बढ़ाने के लिए चंडीगढ़ के स्टूडेंट्स, जिन्हें लगता है कि जीएमसीएच-32 में एडमिशन नहीं मिलेगी, वह सेफर साइड के लिए मोहाली के स्कूलों से 12वीं पास करते हैं। इसके बाद वह पंजाब के स्टेट कोटे के लिए एलिजिबल हो जाते हैं।
नीट एक्सपर्ट संजीव सिंह कहते हैं- किसी भी राज्य के एम्स में एडमिशन टॉप 2000 रैंक वालों का हो जाता है। देश के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों में 15% ऑल इंडिया कोटा होता है। इसे मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी नेशनल लेवल काउंसिलिंग से भरती है। स्टेट या यूटी के स्टूडेंट को दिलचस्पी अपने स्टेट कोटा में ज्यादा रहती है।
एम्स में भी राहत, दाखिला आसान
देश के टॉप मेडिकल इंस्टीट्यूट्स जैसे एम्स में भी NEET UG 2025 Cutoff (NEET UG 2025 Cutoff) 70-75 अंक कम होने का अनुमान है। नीट एक्सपर्ट संजीव सिंह बताते हैं, “एम्स में टॉप 2000 रैंक वालों को आसानी से दाखिला मिल सकता है। इस बार 625 अंकों पर भी एम्स की सीट पक्की हो सकती है।” यह खबर उन स्टूडेंट्स के लिए राहत भरी है जो हाई कटऑफ के डर से परेशान थे।
15% ऑल इंडिया कोटा (All India Quota) मेडिकल काउंसलिंग कमेटी के जरिए भरा जाता है। लेकिन स्टेट कोटे में स्टूडेंट्स की दिलचस्पी ज्यादा रहती है। चंडीगढ़ में जीएमसीएच-32 की 150 एमबीबीएस सीटों में से 115 सीटें यूटी कोटे के लिए बचती हैं।











