चंडीगढ़, 09 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित कैबिनेट मीटिंग में प्रदेश के श्रम वर्ग को अब तक की सबसे बड़ी सौगात दी है। सरकार ने कमरतोड़ महंगाई के बीच मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) में रिकॉर्ड 35 प्रतिशत तक की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के लाखों फैक्ट्रियों, निर्माण कार्यों और अन्य संस्थानों में लगे कामगारों की जेब पर पड़ेगा। सरकार का यह कदम नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद हरियाणा को देश का ऐसा पहला राज्य बनाता है, जिसने श्रमिकों के वेतन में इतना बड़ा बदलाव किया है।
चार श्रेणियों के मजदूरों का बढ़ा वेतन
सरकार ने मजदूरी की चार अलग-अलग श्रेणियों में वेतन वृद्धि को मंजूरी दी है। अकुशल मजदूरों की मजदूरी अब 11,257 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रति माह कर दी गई है। वहीं अर्द्धकुशल (Semi-skilled) मजदूरों को अब 12,430 रुपये के बजाय 16,780 रुपये मिलेंगे। कुशल मजदूरों के लिए वेतन 13,704 रुपये से बढ़ाकर सीधा साढ़े 18 हजार रुपये कर दिया गया है। सबसे बड़ी राहत अति कुशल (Highly Skilled) श्रमिकों को मिली है, जिन्हें अब 14,389 रुपये की जगह 19,425 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
अनिल विज बोले- एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट पर लगी मुहर
श्रम मंत्री अनिल विज ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि एक एक्सपर्ट कमेटी ने मजदूरी बढ़ाने को लेकर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। कमेटी की सिफारिशों को कैबिनेट ने बिना किसी कटौती के स्वीकार कर लिया है। विज ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार मजदूरों के हितों को सर्वोपरि मानती है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी, जिससे नए वित्तीय वर्ष में मजदूरों के घर में अधिक समृद्धि आएगी। इसके अलावा कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए डबल आरक्षण के फैसले पर मुहर लगाकर युवाओं को भी बड़ी राहत दी है।
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