चंडीगढ़ . हरियाणा कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पार्टी के ही दो विधायक अपनी संगठन व्यवस्था के खिलाफ धरने पर बैठ गए। राज्यसभा चुनाव में हुई भारी क्रॉस वोटिंग के बाद गद्दारों के नाम छिपाने से नाराज विधायक गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी ने बैनर-पोस्टर लेकर पार्टी कार्यालय का घेराव किया। विधायकों का साफ कहना है कि नाम सार्वजनिक न होने से उनके विधानसभा क्षेत्र की जनता उन्हें शक की नजर से देख रही है, जिसका सीधा असर उनके राजनीतिक करियर और आम वोटरों के भरोसे पर पड़ रहा है।
गद्दारों के नाम छिपाने पर भड़के विधायक
हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पांच विधायकों ने सरेआम क्रॉस वोटिंग की थी, जबकि चार अन्य के वोट तकनीकी कारणों से रद्द हो गए थे। चुनाव के नियम के मुताबिक पोलिंग एजेंट को वोट दिखाना अनिवार्य होता है, इसलिए पार्टी के शीर्ष नेताओं को इन सभी 9 बागियों के असली नाम पता हैं। लेकिन नाम सार्वजनिक न होने से ईमानदार विधायकों पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। सुबह ठीक 10 बजे चंडीगढ़ मुख्यालय पहुंचे गोकुल सेतिया ने दो टूक कहा कि पार्टी को तुरंत दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए।
सेतिया ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे एक चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं और उन्हें अपने हलके की जनता को जवाब देना भारी पड़ रहा है। अफवाहों के बाजार में उनका नाम भी उछाला जा रहा है, जिससे आम वोटर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। इसी तर्ज पर विधायक मंजू चौधरी ने भी पार्टी हाईकमान को अल्टीमेटम देते हुए क्रॉस वोट करने वाले और वोट रद्द करवाने वाले सभी विधायकों की सूची तुरंत जारी करने की सख्त मांग रखी।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
पार्टी मुख्यालय पर अपने ही विधायकों के धरने की खबर मिलते ही नेता प्रतिपक्ष और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने तेजी से डैमेज कंट्रोल करते हुए गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी को समझा-बुझाकर धरने से उठाया। विधानसभा क्षेत्र में हो रही फजीहत को शांत करने के लिए हुड्डा ने मीडिया के सामने दोनों विधायकों को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी।
हुड्डा ने स्पष्ट किया कि गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी का वोट बिल्कुल क्रॉस नहीं हुआ है और वे पार्टी के वफादार सिपाही हैं। पूर्व सीएम ने बागी विधायकों पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बताया कि जिन भी गद्दार नेताओं के वोट क्रॉस हुए हैं, उनके नाम और पूरी रिपोर्ट दिल्ली स्थित पार्टी हाईकमान को भेज दी गई है। आलाकमान जल्द ही इन चेहरों को बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।
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