चंडीगढ़, (Haryana E-Challan Scam)। हरियाणा के लोगों को अब ई-चालान के नाम पर ठगा जा रहा है। ठग रोजाना नए तरीके खोज रहे हैं। ऐसे में हरियाणा के कई जिलों से ई-चालान के नाम पर लिंक भेज कर अकाउंट से रुपया चोरी किया जा रहा है।
आजकल ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ई-चालान मिलना आम बात हो गई है। लोग अब घर बैठे ऑनलाइन जुर्माना भर देते हैं। लेकिन इसी सुविधा का फायदा अब साइबर ठग उठा रहे हैं। देशभर में कई मामले सामने आए हैं जहां लोगों को फर्जी ई-चालान लिंक भेजकर बैंक अकाउंट खाली कर दिए गए हैं।
ऐसे पहचानें फर्जी ई-चालान मैसेज
अगर आपके पास किसी ई-चालान से जुड़ा मैसेज आता है तो उस पर तुरंत भरोसा न करें।
सबसे पहले देखें कि उसमें आपके वाहन का नंबर और उल्लंघन की सही जानकारी दी गई है या नहीं।
अगर ये डिटेल नहीं हैं, तो वह मैसेज फेक है।
असली ई-चालान सिर्फ ट्रैफिक विभाग की सरकारी वेबसाइट या ऐप पर दिखाई देता है।
किसी भी संदिग्ध लिंक या अनजान पोर्टल पर जाकर कभी पेमेंट न करें। कई बार ऐसे लिंक से फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जो आपकी लोकेशन, बैंकिंग ऐप्स और निजी जानकारी तक पहुंच बना लेता है।
फ्रॉड से बचने का सही तरीका
ई-चालान स्कैम से बचने का सबसे आसान तरीका है सतर्क रहना। हमेशा केवल सरकारी वेबसाइट पर जाकर ही चालान की जांच करें, जैसे: https://echallan.parivahan.gov.in
सुनिश्चित करें कि साइट का डोमेन .gov.in से खत्म हो रहा हो। किसी भी अजीब लिंक, गलत स्पेलिंग या .com/.net जैसे एक्सटेंशन वाले URL से दूर रहें।
अगर ऐसा कोई फर्जी मैसेज मिले तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट करें।
Haryana E-Challan Scam: कैसे होता है ई-चालान स्कैम?
स्कैमर्स सबसे पहले ऐसे लोगों को टारगेट करते हैं जिन्होंने कभी ट्रैफिक नियम तोड़े हैं। उन्हें व्हाट्सएप या एसएमएस पर एक मैसेज मिलता है जिसमें लिखा होता है कि आपने ट्रैफिक रूल तोड़ा है और आपको चालान भरना है।
उस मैसेज में एक लिंक भी दिया जाता है जो देखने में असली सरकारी वेबसाइट जैसा लगता है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, वह नकली पोर्टल पर पहुंच जाता है। वहां अपनी बैंक डिटेल, कार्ड नंबर या ओटीपी डालते ही ठग उसका सारा डेटा चुरा लेते हैं और अकाउंट खाली कर देते हैं। अगर हरियाणा में आपके साथ भी ऐसा धोखा हो रहा है तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें।












