Haryana ED Action: Property worth Rs 550 crore seized in Gurugram, Mahira Group under control! Know the whole matter!: हरियाणा ED कार्रवाई (Haryana ED Action) ने गुरुग्राम में सनसनी मचा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 27 जून 2025 को माहिरा ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 557.43 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है।
यह कार्रवाई धोखाधड़ी और जालसाजी (Fraud and Forgery) के आरोपों के तहत की गई। कुर्क की गई संपत्तियों में गुरुग्राम के कई सेक्टरों में 35 एकड़ की जमीन और सावधि जमा रसीदें शामिल हैं। आइए, इस कार्रवाई की पूरी जानकारी जानते हैं।
माहिरा ग्रुप पर ED की नजर Haryana ED Action
प्रवर्तन निदेशालय ने माहिरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, माहिरा बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, और जार बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की।
ये कंपनियाँ धोखाधड़ी (Financial Fraud) और जालसाजी के आरोपों में फंसी हैं। ED ने PMLA 2002 (Prevention of Money Laundering Act) के तहत यह कदम उठाया। गुरुग्राम में 557.43 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई, जिसमें चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियाँ शामिल हैं। ED ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए साझा की। यह कार्रवाई निवेशकों और आम लोगों के लिए राहत की खबर है।
कहाँ-कहाँ हुई संपत्ति कुर्क?
ED ने गुरुग्राम के सेक्टर 68, 63A, 103, 104, 92, 88B, और 95 में 7 अचल संपत्तियाँ (Immovable Properties) कुर्क कीं। इनमें करीब 35 एकड़ की आवासीय और वाणिज्यिक जमीन (Residential and Commercial Land) शामिल है।
इसके अलावा, 97 लाख रुपये की सावधि जमा रसीदें (Fixed Deposit Receipts) भी जब्त की गईं। यह कार्रवाई गुरुग्राम की साइबर सिटी में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ED की यह कार्रवाई भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर नकेल कसेगी।
निवेशकों के लिए राहत और भविष्य की कार्रवाई
यह हरियाणा ED कार्रवाई (Haryana ED Action) उन निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है, जो माहिरा ग्रुप की कंपनियों से ठगे गए थे। ED की इस कार्रवाई से जालसाजी (Money Laundering) पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। प्रवर्तन निदेशालय ने साफ किया कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कंपनी में निवेश (Investment) से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें। यह कार्रवाई गुरुग्राम के रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करेगी।













