Haryana electricity officer guilty: Nuh court held XEN, SDO and JE responsible for death due to negligence: बिजली विभाग अधिकारी दोषी (electricity officer guilty) करार दिए गए हैं। नूंह जिले की स्थानीय अदालत ने बिजली निगम के तीन अधिकारियों—XEN कुलदीप अत्री, SDO राजीव शर्मा और JE राशिद को IPC सेक्शन 304A के तहत दोषी माना है। यह मामला जनवरी 2015 का है, जब गोपीचंद नामक व्यक्ति की ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। (transformer accident death)
मृतक की पत्नी शशिबाला ने तीनों अधिकारियों पर लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए जिला अदालत में केस दर्ज कराया था। कोर्ट ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीनों को दोषी करार दिया। (electricity negligence case)
कोर्ट ने दोषियों की सजा पर फिलहाल लगाई रोक Haryana electricity officer guilty
सीजेएम नूंह छवि गोयल की अदालत ने तीनों अधिकारियों को दोषी मानते हुए IPC 304A के तहत कार्रवाई की। हालांकि, दोषी ठहराए जाने के बाद तीनों ने अपील करने की अर्जी दाखिल की। कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए सजा और जुर्माने पर बहस को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। (court punishment delay)
यह फैसला बिजली विभाग में लापरवाही और जवाबदेही को लेकर एक बड़ा संदेश है। आमतौर पर ऐसे मामलों में कार्रवाई लंबी चलती है, लेकिन इस केस में कोर्ट ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। (electricity board case)
ट्रांसफार्मर हादसे से शुरू हुआ न्याय का सफर
गोपीचंद की मौत एक साधारण दुर्घटना नहीं थी। यह एक ऐसी घटना थी, जिसमें सिस्टम की लापरवाही ने एक जान ले ली। ट्रांसफार्मर की स्थिति को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। (transformer death case)
शशिबाला ने हार नहीं मानी और न्याय के लिए लड़ती रहीं। आखिरकार कोर्ट ने उनकी बात को सही ठहराया और दोषियों को सजा के करीब पहुंचा दिया। यह मामला न केवल बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि आम जनता को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करता है। (electricity board corruption)







