Haryana Bijli Karamchari Strike October 2026 : हरियाणा में 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिनों के लिए बिजली संकट गहरा सकता है। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में बिजली कर्मियों ने पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया है। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन ने दो टूक चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान ब्रेकडाउन या तकनीकी खराबी आने पर बिजली की लाइनें ठीक नहीं की जाएंगी।
haryana electricity workers strike date : हरियाणा में 22 अक्टूबर से शुरू हो रही बिजली कर्मियों की तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल से आम जनता को भारी बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन और इंजीनियरों की संयुक्त कार्रवाई समिति ने गुरुग्राम व नूंह जिलों में बिजली वितरण का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपे जाने के विरोध में कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है।
कर्मचारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 22, 23 और 24 अक्टूबर को किसी भी फीडर या ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने पर उसे ठीक नहीं किया जाएगा। ऐसे में त्योहारी सीजन के दौरान फॉल्ट होने पर घरों, अस्पतालों और औद्योगिक क्षेत्रों में घंटों अंधेरा छाने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
हड़ताल की मुख्य वजह
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा निजी कंपनी ‘इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड’ को गुरुग्राम और नूंह में बिजली आपूर्ति का लाइसेंस जारी करना इस विवाद की मुख्य जड़ है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि मुनाफे वाले शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे तौर पर निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है।
कुछ महीने पहले भी कर्मचारियों ने इसी मुद्दे पर हड़ताल बुलाई थी, जिसे प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज के दखल और आश्वासन के बाद टाल दिया गया था। अब नियामक आयोग द्वारा लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से कर्मचारी दोबारा लामबंद हो गए हैं।
बिजली मंत्री का रुख
प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज ने भी बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) के इस ताजा फैसले पर खुला विरोध जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और उनका विभाग आयोग के इस निर्णय से सहमत नहीं हैं और वे इसके खिलाफ सक्षम मंच पर आधिकारिक अपील दायर करेंगे।
विभागीय मंत्री के विरोध के बावजूद विनियामक आयोग के स्तर पर निजी कंपनी को लाइसेंस दिए जाने से कर्मचारी यूनियनों में गहरा असंतोष है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक लाइसेंस रद्द करने का ठोस आदेश जारी नहीं होता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
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22 से 24 अक्टूबर तक काम ठप
यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी ने बताया कि 22, 23 और 24 अक्टूबर को प्रदेश भर के तमाम बिजली दफ्तरों, सब-स्टेशनों और फील्ड में काम पूरी तरह बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी अनिवार्य सेवा का निजीकरण जनविरोधी कदम है, जिसके खिलाफ किसान और मजदूर संगठन भी कर्मचारियों के साथ मैदान में उतरेंगे।
कर्मचारियों और इंजीनियरों की संयुक्त समिति ने फैसला लिया है कि अगर सरकार ने निजी कंपनी का आवंटन रद्द नहीं किया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है। आम उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे इन तीन दिनों के दौरान पानी का भंडारण और बिजली से जुड़े जरूरी काम पहले ही निपटा लें। #HaryanaNews #ElectricityStrike #HaryanaPowerCut #GurugramNews #HaryanaNewsPost
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन द्वारा जारी हड़ताल की आधिकारिक घोषणा और हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के आदेश पर बिजली मंत्री अनिल विज के बयानों पर आधारित है। उपभोक्ता आपात स्थिति के लिए संबंधित बिजली निगम के हेल्पलाइन नंबरों से अपडेट प्राप्त कर सकते हैं।








