चंडीगढ़ . हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। राज्य शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के 391 सरकारी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब (ATL) स्थापित करने का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (PAB) ने इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए 39.10 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को आधिकारिक तौर पर अपनी मंजूरी दे दी है। इस फंड से प्रत्येक चयनित स्कूल को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए सीधी वित्तीय सहायता मिलेगी। यह कदम प्रदेश के छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सीधे तौर पर तकनीकी दुनिया से जोड़ने का काम करेगा।
राष्ट्रीय विजन और जिलों का अहम हिस्सा
केंद्र सरकार ने अपने 2025-26 के बजट में शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार की योजना अगले पांच वर्षों के भीतर देश के विभिन्न कोनों में 50,000 नई अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की है। हरियाणा शिक्षा विभाग की यह नई लैब स्थापना योजना सीधे तौर पर इसी राष्ट्रीय विजन को आगे बढ़ा रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से जारी नई सूची में सिरसा जिले ने सबसे ज्यादा बाजी मारी है, जहां 26 सरकारी स्कूलों में यह हाई-टेक लैब बनेगी। इसके अलावा जीटी रोड बेल्ट के अहम जिले करनाल के 20 स्कूलों और दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़-नारनौल क्षेत्र के 17 स्कूलों को इस खास प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया गया है।
रोबोटिक्स से लेकर 3D प्रिंटिंग तक की मिलेगी ट्रेनिंग
इन आधुनिक लैब्स का सीधा फोकस छात्रों को नई तकनीकों, वैज्ञानिक प्रयोगों और इनोवेशन के प्रति जागरूक करना है। स्कूल परिसरों में बनने वाली इन अटल टिंकरिंग लैब में बच्चे अब रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 3D प्रिंटिंग, एस्ट्रोनॉमी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अत्याधुनिक विषयों की बारीकियां सीखेंगे।
शिक्षा विभाग इन स्कूलों में जरूरी सेंसर, DIY (डू इट योरसेल्फ) किट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स उपलब्ध करा रहा है। इन आधुनिक संसाधनों का उपयोग करके छात्र स्कूल स्तर पर ही अपने खुद के वर्किंग मॉडल और साइंस प्रोजेक्ट तैयार करने में पूरी तरह सक्षम होंगे।
STEM एजुकेशन से सुधरेगा छात्रों का भविष्य
स्कूलों में इस तरह की आधुनिक लैब्स स्थापित करने का सबसे बड़ा मकसद छात्रों के बीच STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित विषयों की गहरी समझ विकसित करना है। हरियाणा सरकार शिक्षा प्रणाली से पारंपरिक रटंत विद्या को पूरी तरह से खत्म कर बच्चों के भीतर समस्या समाधान और रचनात्मक सोच को जगाना चाहती है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि इन लैब्स में काम करने से छात्रों में असल जिंदगी की समस्याओं को तकनीकी तरीके से सुलझाने की क्षमता पैदा होगी। यह पूरी योजना प्रदेश के युवाओं को भविष्य की कड़ी रोजगार चुनौतियों का सामना करने के लिए एक बेहद मजबूत तकनीकी नींव प्रदान करेगी।
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