चंडीगढ़, 04 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। सैनी सरकार ने बोर्डों, निगमों और सरकारी संस्थाओं में ग्रुप डी के सभी खाली पदों को भरने का मेगा प्लान तैयार किया है, जिसके लिए मुख्य सचिव ने 10 अप्रैल तक खाली पदों का ब्यौरा तलब किया है।
हरियाणा सरकार ने युवाओं को रोजगार देने की दिशा में एक और बड़ा फैसला लिया है। चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र लिखकर ग्रुप डी के खाली पदों की पूरी रिपोर्ट मांगी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चौकीदार और सफाई कर्मचारियों को छोड़कर बोर्डों, वैधानिक निकायों और सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं में जितने भी ग्रुप डी के पद खाली हैं, उन्हें जल्द से जल्द भरा जाएगा। यह भर्ती हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की लिखित परीक्षा और मेरिट लिस्ट के आधार पर पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाएगी।
10 अप्रैल तक की डेडलाइन
मुख्य सचिव के पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि सभी विभागों को 10 अप्रैल 2026 तक निर्धारित प्रारूप में खाली पदों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इस जानकारी में स्वीकृत पदों की संख्या, नियमित कर्मचारियों के पद, अनुबंध कर्मचारियों और हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के तहत कार्यरत स्टाफ का पूरा विवरण शामिल होना चाहिए। यदि कोई विभाग तय समय सीमा तक जानकारी नहीं भेजता है, तो सरकार यह मान लेगी कि उस संस्था में कोई भी पद खाली नहीं है और उसे आगामी भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
मेरिट के आधार पर होगा चयन
प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को विवादों से दूर रखने के लिए एचएसएससी के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। उम्मीदवारों का चयन परीक्षा में प्राप्त स्कोर के आधार पर बनी मेरिट लिस्ट से होगा, जिससे सिफारिश और पर्ची-खर्ची के दौर पर लगाम लगेगी। सरकार की मंशा है कि अप्रैल के मध्य तक पदों का फाइनल डेटा मिलते ही विज्ञापन जारी कर दिया जाए। इससे न केवल सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की कमी दूर होगी, बल्कि हजारों बेरोजगार युवाओं को अपने गृह जिले और प्रदेश में सेवा करने का मौका मिलेगा।
संविदा और नियमित पदों का होगा मिलान
इस बार की रिपोर्ट में सरकार ने विशेष रूप से हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम 2024 के तहत आने वाले कर्मचारियों का डेटा भी मांगा है। इससे यह स्पष्ट हो पाएगा कि असल में कितने पद पूरी तरह रिक्त हैं और कितने पदों पर संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं। इस स्पष्टता से भविष्य में होने वाली कानूनी पेचीदगियों से बचा जा सकेगा। ग्रुप डी के इन पदों पर भर्ती होने से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सबसे ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से नई भर्ती की राह देख रहे थे।
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