Haryana Millet Supply चंडीगढ़ | सर्दियों में राशन डिपो पर बाजरा मिलने की उम्मीद लगाए हरियाणा के लाखों गरीब परिवारों को इस बार बड़ा निराशा झेलनी पड़ेगी। नायब सैनी सरकार ने दिसंबर की लोकेशन में भी बाजरा शामिल नहीं किया है। नवंबर में भी यही स्थिति रही थी। ऐसे में बीपीएल कार्ड धारकों की थाली से इस बार बाजरा पूरी तरह गायब रहेगा।
डिपो पर उपभोक्ताओं को केवल गेहूं, चीनी और सरसों का तेल ही दिया जा रहा है।
दिसंबर में भी नहीं मिलेगा बाजरा Haryana Millet Supply
सूत्रों के मुताबिक, बीपीएल राशन कार्ड धारकों को नवंबर की तरह दिसंबर में भी पूरा 5 किलोग्राम गेहूं ही मिलेगा। यानी जो लोग बाजरा का इंतज़ार कर रहे थे, उन्हें अब मार्केट से ही खरीदना पड़ेगा।
हर साल मिलता था बाजरा लेकिन इस बार क्यों नहीं?
अब तक हर साल सर्दियां शुरू होते ही राशन डिपो पर बाजरा बांटा जाता रहा है। 5 किलोग्राम गेहूं की जगह लोगों को 3 किलो गेहूं
+ 2 किलो बाजरा दिया जाता था।
लेकिन इस बार बाजरा उपलब्ध न होने के कारण सरकार ने सिस्टम में बदलाव कर दिया है।
डिपो धारक भी दुविधा में हैं। उनका कहना है कि
“हर साल नवंबर तक बाजरा डिपो पर आ जाता था, लेकिन इस बार दिसंबर की लोकेशन में भी बाजरा नजर नहीं आ रहा। इसलिए वितरण संभव नहीं है।”
राशनकार्ड धारकों ने सरकार से मांग की है कि बाजरा जल्द डिपो पर उपलब्ध कराया जाए, क्योंकि इसे बाज़ार से खरीदना गरीबों पर आर्थिक बोझ बढ़ा देगा।
सरकार ने बताई वजह — क्यों नहीं खरीद पाई बाजरा?
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार प्रदेश सरकार ने मंडियों में बाजरा की सरकारी खरीद ही नहीं की।
कारण?
लगातार बारिश के कारण बाजरे का रंग काला पड़ गया, जिससे उसकी क्वालिटी खराब हो गई।
गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण सरकार ने खरीद बंद करने का निर्णय लिया। इसी वजह से इस बार बाजरा राशन डिपो तक नहीं पहुंच सका।











