HSSC Merit List: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा पिछले साल जारी किए गए 24 ग्रुप की ग्रुप C चयन सूची और दी गई नियुक्तियों पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की है कि इन उम्मीदवारों की नियुक्ति तभी सुरक्षित रह सकती है, जब यह मेरिट लिस्ट सामाजिक-आर्थिक मानदंड (SEBC) के अंकों को जोड़कर नहीं, बल्कि बिना उनके तैयार की गई हो।
यानी अब इन 24 ग्रुप के चयनित उम्मीदवारों की नौकरी का भविष्य पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि मेरिट किस आधार पर बनी थी।
HSSC को दायर करना होगा एफिडेविट HSSC Merit List
सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल हरियाणा, प्रविंद्र चौहान ने बताया कि चयनित उम्मीदवारों को सामाजिक-आर्थिक मानदंड के अंक नहीं दिए गए थे।
लेकिन इस पर कुछ प्रतिवादी पक्ष ने सवाल उठाया, जिसके बाद खंडपीठ ने HSSC को साफ निर्देश दिया है कि वह एफिडेविट दायर कर पूरी जानकारी पेश करे।
एफिडेविट में यह सभी विवरण देने होंगे:
उम्मीदवारों के CET परीक्षा में प्राप्त अंक
रोल नंबर
नाम
हर ग्रुप व कैटेगरी की कट-ऑफ
और किस आधार पर नियुक्तियां दी गईं
अगली सुनवाई 28 नवंबर को
जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की खंडपीठ ने 14 नवंबर को सुनवाई के बाद अपने निर्देश जारी किए।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी, जो इस पूरे विवाद का अगला महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।
आयोग ने यह भी दावा किया कि उसने दो लिस्टें बनाई थीं—
एक लिस्ट में सामाजिक-आर्थिक मानदंड के अंक शामिल थे
दूसरी में नहीं
दोनों लिस्टों में जो उम्मीदवार सामान्य (common) थे, उनका ही चयन किया गया।
अब कोर्ट इस पूरे दावे की सच्चाई को अगली सुनवाई में परखेगा।










