Haryana News Soldier Sachin Rohil of Hisar Martyred In Assam: हरियाणा के हिसार जिले के भिवानी रोहिल्ला गांव का एक सपूत, सचिन रोहिल (25), असम में अपने कर्तव्य का पालन करते हुए शहीद हो गया। भारतीय वायुसेना में तैनात यह जवान सिविलियन की जान बचाने के लिए भराली नदी में कूद पड़ा, लेकिन खुद को खो बैठा। उनकी शहादत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे देश को गमगीन कर दिया है। आइए, इस वीर जवान की कहानी और उनके बलिदान को करीब से जानते हैं।
Haryana News: सिविलियन को बचाने की कोशिश में शहादत
सचिन रोहिल भारतीय वायुसेना की 11वीं एयर विंग में असम के तेजपुर जिले में तैनात थे। सोमवार को सोनितपुर जिले के भालुकपोंग में भराली नदी में एक सिविलियन को डूबते देख सचिन बिना देर किए उसकी मदद के लिए नदी में कूद पड़े। उनकी इस बहादुरी ने उनके कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाया, लेकिन दुर्भाग्यवश वे नदी की तेज धारा में बह गए। इसके बाद वे लापता हो गए।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। मंगलवार सुबह ITBP की 59वीं बटालियन ने सचिन का पार्थिव शरीर बरामद किया। उनकी इस शहादत ने हर किसी का दिल छू लिया।
ITBP का सर्च ऑपरेशन: समर्पण का प्रतीक
सचिन के लापता होने की खबर मिलते ही ITBP ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। सहायक कमांडेंट गंभीर सिंह चौहान के नेतृत्व में एक समर्पित टीम ने नदी में गहन खोज और बचाव अभियान चलाया। इस टीम में इंस्पेक्टर चंदर मणि, हवलदार एच मनलुन, और कॉन्स्टेबल माचांग सांगचो जैसे जवान शामिल थे। ITBP की यह मेहनत रंग लाई, और सचिन का पार्थिव शरीर बरामद कर अधिकारियों को सौंपा गया। ITBP का यह ऑपरेशन उनकी आपदा बचाव क्षमता का एक और उदाहरण है।
सचिन का परिवार और गांव में शोक
सचिन की वायुसेना में भर्ती 2019 में हुई थी। उनका परिवार अब जींद में रहता है, जबकि दादा और चाचा भिवानी रोहिल्ला गांव में हैं। आठ साल पहले उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी मां गृहिणी हैं, और भाई प्राइवेट नौकरी करता है। अविवाहित सचिन अपने परिवार का गौरव थे। गुरुवार सुबह 10 बजे उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचेगा, जहां पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
गांव में शोक की लहर है, और लोग अपने इस वीर सपूत की बहादुरी की चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी सचिन को श्रद्धांजलि दी जा रही है, और लोग उनकी निस्वार्थ सेवा को सलाम कर रहे हैं।
सचिन रोहिल की शहादत हमें यह सिखाती है कि सच्चा जवान वही है, जो अपने कर्तव्य से कभी पीछे नहीं हटता। सिविलियन की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने का उनका जज्बा हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। उनकी यह कुर्बानी हमें देश सेवा और मानवता के महत्व को याद दिलाती है।












