India Pakistan War News Operation Sindoor: India destroyed the stronghold of terrorism, dealt a severe blow to Pakistan: भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को फिर साबित किया।
इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए, 9 आतंकी ठिकाने तबाह हुए, और पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचा। लेकिन सीजफायर की घोषणा के बावजूद पाकिस्तान ने उकसावे की कार्रवाइयां जारी रखीं। आइए, इस सैन्य कार्रवाई की पूरी कहानी जानते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक पर भारत की सटीक चोट India Pakistan War News
7 मई 2025 को शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में फैले आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई में 9 आतंकी कैंप तबाह किए गए, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ मुरिदके और अन्य ठिकाने जैसे सवाई नाला, सरजाल, कोटली, और भिंबर शामिल थे।
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ, और मुदासिर अहमद जैसे हाई-प्रोफाइल आतंकी शामिल थे। ये आतंकी IC-814 हाईजैक और पुलवामा हमले जैसे जघन्य कृत्यों के मास्टरमाइंड थे। भारत ने इस कार्रवाई से साफ कर दिया कि आतंकवादियों को अब सरहद पार भी सुरक्षित पनाह नहीं मिलेगी।
पाकिस्तान का सीजफायर उल्लंघन
भारत और पाकिस्तान ने शनिवार, 10 मई को शाम 5 बजे से युद्धविराम पर सहमति जताई थी। लेकिन कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने इस समझौते को तोड़ दिया। जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के बाड़मेर में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, और कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
बाड़मेर में ड्रोन की मौजूदगी के बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया और ब्लैकआउट लागू कर नागरिकों से घरों में रहने की अपील की। भारतीय सेना ने इन उकसावे की हरकतों का करारा जवाब दिया, जिससे पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ। डीजीएमओ राजीव घई ने बताया कि 7 से 10 मई के बीच हुई जवाबी कार्रवाई में 35-40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
उच्चस्तरीय बैठक और रणनीति
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल, तीनों सेनाओं के प्रमुख, और सीडीएस जनरल अनिल चौहान शामिल हुए। इस बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और सीमा पर सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस परीक्षण केंद्र के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान कहा, “ऑपरेशन सिंदूर भारत की इच्छाशक्ति का प्रतीक है। यह सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ हमारा दृढ़ संकल्प है।”
भारतीय वायुसेना की ताकत
पाकिस्तान ने 9-10 मई की रात ड्रोन और विमानों के जरिए भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायुसेना ने इन प्रयासों को पूरी तरह नाकाम कर दिया। एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि पाकिस्तान के हवाई हमले और ड्रोन पूरी तरह विफल रहे।
भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एयरफील्ड्स और गोला-बारूद डंप्स को निशाना बनाकर उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया। इस कार्रवाई ने पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया।
भारत का सख्त संदेश
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस ब्रीफिंग में दो टूक कहा, “भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति स्पष्ट है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखा दिया कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
इस ऑपरेशन का मकसद आतंकवाद के ढांचे को जड़ से उखाड़ना था, और भारत इसमें पूरी तरह कामयाब रहा। मुरिदके जैसे कैंप, जहां अजमल कसाब जैसे आतंकी तैयार किए गए, अब राख में तब्दील हो चुके हैं।
नागरिकों के लिए सावधानी जरूरी
सीमा पर तनाव के बीच बाड़मेर और जम्मू-कश्मीर के नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने और ब्लैकआउट नियमों का पालन करने को कहा है। यह ऑपरेशन भारत की ताकत और एकता का प्रतीक है, और हमें अपनी सेना पर गर्व है।













