India Pakistan War Update Operation Sindoor: India exposed the face of Pakistan, Pak army officers crying in the funeral of terrorists: भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए पाकिस्तान को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया।
इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए, और अब भारत ने एक ऐसी लिस्ट जारी की है, जिसमें पाकिस्तानी सेना और पुलिस के उन अधिकारियों के नाम हैं, जो आतंकियों के जनाजे में आंसू बहाते दिखे। यह खुलासा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थन को उजागर करता है। आइए, इस घटना की पूरी कहानी जानते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक India Pakistan War Update
पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और करारा हमला किया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के अड्डे शामिल थे।
मुरिदके में लश्कर का मुख्यालय और बहावलपुर में जैश का ठिकाना पूरी तरह तबाह हो गया। भारतीय सेना की इस कार्रवाई में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए। भारत की इस सख्ती ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया, और उसने मिसाइल व ड्रोन हमले शुरू कर दिए। लेकिन जब भारत ने जवाबी कार्रवाई की, तो दो दिन में ही पाकिस्तान ने सीजफायर की गुहार लगाई। डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद दोनों देशों में सीजफायर समझौता हुआ।
पाकिस्तानी सेना का दोहरा चेहरा
भारत ने रविवार को एक लिस्ट जारी की, जिसमें पाकिस्तानी सेना और पुलिस के उन अधिकारियों के नाम हैं, जो आतंकियों के जनाजे में शामिल हुए। लिस्ट में लाहोर IV कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल फैयाज हुसैन शाह, मेजर जनरल राव इमरान सरताज, ब्रिगेडियर मोहम्मद फुरकान शब्बीर, पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल डॉ. उसमान अनवर और पंजाब प्रांतीय सभा के सदस्य मलिक शोएब अहमद जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में साफ दिखा कि पाकिस्तानी सेना के जवान आतंकियों के ताबूत को कंधा दे रहे थे और उनके ताबूतों को पाकिस्तानी झंडे से ढका गया था। यह नजारा आतंकियों को राजकीय सम्मान देने का स्पष्ट सबूत है।
भारत का कड़ा विरोध, विदेश सचिव का सवाल
पाकिस्तान ने दावा किया था कि भारत की एयरस्ट्राइक में आम नागरिक मारे गए। इस पर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने तीखा जवाब देते हुए कहा, “क्या आम नागरिकों को राजकीय सम्मान के साथ दफनाया जाता है?” उन्होंने वीडियो और तस्वीरें दिखाकर पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब किया।
भारत ने साफ किया कि उसके निशाने पर केवल आतंकी ठिकाने थे, जिनमें सवाई नाला, सरजाल, मुरिदके, कोटली, कोटली गुलपुर, मेहमूना जोया, भिंबर और बहावलपुर शामिल थे। इनमें से चार ठिकाने पाकिस्तान में और पांच पीओके में थे।
आतंकियों को राजकीय सम्मान, लश्कर नेता का मातम
ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों में लश्कर-ए-तैयबा के हाफिज अब्दुल रऊफ भी शामिल थे, जिन्हें अमेरिका ने भी वैश्विक आतंकी घोषित किया है।
वीडियो में रऊफ को मुरिदके टेरर कैंप में शोक मनाते देखा गया। पाकिस्तान में आतंकियों को जिस तरह राजकीय सम्मान दिया गया, उसका भारत ने कड़ा विरोध किया। यह घटना पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थन को उजागर करती है, जिसे वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा नकारता रहा है।
दुनिया के सामने पाकिस्तान की हकीकत
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान का दोहरा चरित्र सामने आया है। भारत की सर्जिकल स्ट्राइक और इस लिस्ट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पाकिस्तान आतंकवाद का पनाहगाह है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाने की अपील की है। यह ऑपरेशन और इसके बाद की कार्रवाइयां भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती हैं।
सतर्कता और एकजुटता की जरूरत
भारत ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने और देश की सुरक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हर कदम पर सावधानी और साहस की जरूरत है।
भारतीय सेना और सरकार की इस कार्रवाई ने न केवल आतंकियों को सबक सिखाया, बल्कि दुनिया को पाकिस्तान की हकीकत से रूबरू कराया।













