कुरुक्षेत्र (International Gita Festival)। पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर गीता महोत्सव की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धमक लगातार बढ़ने लगी है, जिससे धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली है। विदेश मंत्रालय द्वारा सीधे तौर पर सहभागिता करने पर महोत्सव की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्ता व गरिमा को और बल मिला है। विदेश मंत्रालय के प्रयासों से ही जहां 52 देशों तक महोत्सव की गूंज पहुंचेगी तो वहीं पहली बार मंत्रालय की पहल पर ही महोत्सव में विदेशी गीता विशेषज्ञ व शोधकर्ताओं के अलावा ब्राह्मण भी शामिल होंगे।
International Gita Festival: 20 विशेष ब्राह्मणों का दल पहुंचेगा
त्रिनिदाद व टोबैगो से 20 विशेष ब्राह्मणों का दल यहां पहुंचेगा, जो 29 व 30 नवंबर को महोत्सव के दौरान पवित्र ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में होने वाले संत सम्मेलन के अलावा देव स्थानम सम्मेलन में शामिल होगा। इन ब्राह्मण विद्वानों और देश-विदेश से आने वाले संतों को कुरुक्षेत्र 48 कोस तीर्थ भ्रमण भी करवाया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय के साथ-साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने भी खास तैयारी शुरू कर दी गई है। इन ब्राह्मणों को गीता की प्रतियां भी विशेष तौर पर भेंट की जाएंगी।
वेद मंत्रों से लेकर गीता यज्ञ की जानेंगे महिमा
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि विदेशों से आने वाले ब्राह्मण यहां वेद मंत्रों से लेकर गीता यज्ञ तक को करीब से जान पाएंगे। इसके साथ ही गीता का मर्म भी समझेंगे। हर विदेशी मेहमान को पूरा महोत्सव दिखाया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने देश में न केवल गीता का प्रचार प्रसार धार्मिक दृष्टि से कर सकेंगे बल्कि गीता संदेश से वहां के आम लोग भी रूबरू हो सकेंगे।
24 से होंगे मुख्य कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव भले ही 15 नवंबर से 21 दिन तक चलेगा लेकिन मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से शुरू होंगे, जो आठ दिन तक चलेंगे। मुख्य कार्यक्रमों के अंतिम दिन केशव पार्क में 18 हजार स्कूली बच्चे गीता जयंती के दिन गीता श्लोकाच्चारण करेंगे। इसी दिन गीता जन्म स्थली ज्योतिसर के साथ-साथ पवित्र ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर पर भी दीपदान होगा। इससे पहले मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन, संत सम्मेलन व देव स्थानम सम्मेलन होंगे। इन सभी कार्यक्रमों में विदेशी मेहमानों को शामिल किए जाने की तैयारी की जा रही है।












