कुरुक्षेत्र (Kurukshetra crime)। साइबर पुलिस ने साइबर ठगों का राज खोला है कि शादी-ब्याह के सीजन में साइबर ठग दूल्हा-दुल्हन के मेहमान बन रहे हैं। साइबर ठग व्हाट्सएप पर चमचमाता शादी का ई-कार्ड भेजते हैं, जिसके नीचे पूरे क्रिएटीव भाषा में लिखा होता है कि आइए आशीर्वाद दें, रंग-बिरंगे फूल, मीठी शहनाई की धुन… या फिर कुछ और जिससे आप उस निमंत्रण को खोलने के लिए उतावले हो सको। जैसे ही आप निमंत्रण पर क्लिक करते हो आपके फोन का रिमोट ठगों के हाथ में चला जाता है।
Kurukshetra crime: शादी के निमंत्रण कार्ड से ठगी
ये कोई आम न्योता नहीं, बल्कि ऐपीके वायरस का खतरनाक तोहफा होता है। इसके बाद फोन हैक, बैंक अकाउंट खाली और आपकी मेहनत की कमाई ठगों की जेब में होती है।
इससे बचने के लिए पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि साइबर ठग डिजिटल माध्यमों से जुड़े हर व्यक्ति को निशाना बना रहे हैं, चाहे वह सोशल मीडिया हो या इंटरनेट बैंकिंग। बदलते समय के साथ ठगों ने अपने तरीके बदल लिए हैं। ठग अब शादियों के सीजन में व्हाट्सएप पर निमंत्रण कार्ड भेजते हैं। लिंक पर क्लिक करने पर एपीके फाइल डाउनलोड होती है, जिससे फोन का पूरा नियंत्रण ठगों के हाथ चला जाता है।
इसके बाद बैंक खाते खाली कर दिए जाते हैं। ठग कभी पेंशन स्कीम का लालच देते हैं, तो कभी फर्जी लोन ऐप्स या बिना ऑर्डर पार्सल भेजकर धोखाधड़ी करते हैं। वर्तमान में व्हाट्सएप पर शादी निमंत्रण के रूप में लिंक भेजकर पीड़ितों को ठगने का नया तरीका अपनाया जा रहा है।
अग्रवाल ने सलाह दी कि अनजान स्रोतों से प्राप्त फोटो या लिंक पर क्लिक न करें। बैंकिंग ऐप्स को सुरक्षित लॉक रखें और निजी जानकारी साझा करने से बचें। साइबर जालसाजी से बचाव का सर्वोत्तम उपाय जागरूकता है। यदि ठगी हो जाए, तो तत्काल नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। समय पर शिकायत से मेहनत की कमाई बचाई जा सकती है और धन वापस प्राप्त हो सकता है।













