डिजिटल डेस्क, गुरुग्राम : गुरुग्राम में आरिफ ने आरव बनकर हिंदू लड़की से शादी की। सच्चाई खुलने पर उसने पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।
हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसाया। आरोपी आरिफ ने खुद को आरव बताकर मंदिर में शादी रचाई। जब सच्चाई सामने आई तो पीड़िता पर धर्म परिवर्तन और नमाज पढ़ने का दबाव बनाया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
2022 में शुरू हुई थी धोखे की कहानी
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि साल 2022 में उसकी मुलाकात तारीफ नाम के एक शख्स के जरिए आरिफ से हुई थी। उस समय आरिफ ने अपना नाम आरव बताया था। उसने दावा किया कि वह हिंदू है और अविवाहित है। आरिफ की बातों में आकर पीड़िता ने उस पर भरोसा कर लिया। इसके बाद आरोपी ने हिंदू रीति रिवाजों के साथ मंदिर में सात फेरे लेकर उससे शादी कर ली। पीड़िता को जरा भी आभास नहीं हुआ कि जिस व्यक्ति को वह अपना जीवनसाथी मान रही है वह असल में बहरूपिया है।
गर्भवती होने पर सामने आया असली चेहरा

शादी के कुछ समय बाद जब पीड़िता गर्भवती हुई तो आरोपी का व्यवहार बदलने लगा। उसने छह महीने के गर्भ को गिराने का दबाव बनाया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। मानवता की हदें तब पार हो गईं जब प्रसव के दौरान आरोपी उसे अस्पताल में बेसहारा छोड़कर भाग गया। जांच पड़ताल करने पर पीड़िता के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे पता चला कि उसका पति आरव नहीं बल्कि आरिफ है। वह पहले से शादीशुदा है और तीन बच्चों का पिता है।
बंधक बनाकर नमाज पढ़ने पर किया मजबूर
आरोपी और उसके परिवार ने पीड़िता को घर में बंधक बना लिया। उस पर जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने और नमाज पढ़ने का दबाव डाला गया। किसी तरह अपनी जान बचाकर पीड़िता वहां से भाग निकली। लेकिन आरोपियों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। 26 जनवरी 2026 को आरोपियों ने उसे फिर से रास्ते में घेर लिया और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समाजशास्त्रियों का मानना है कि आधुनिक दौर में रिश्तों की नींव भरोसे पर होनी चाहिए लेकिन सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच करना आवश्यक है। यह घटना सबक देती है कि शादी जैसे अहम फैसले लेने से पहले पूरी तरह आश्वस्त हो जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम के सेक्टर 14 थाना पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी आरिफ और उसके साथी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि जबरन धर्म परिवर्तन और पहचान छिपाकर शादी करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। कानूनी जानकारों के मुताबिक ऐसे मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।













