फरीदाबाद में एक 25 वर्षीय युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस जांच ने कई चौंकाने वाली परतें खोली हैं। शुरुआती जानकारी के उलट अब सामने आया है कि यह अपराध किसी आम वाहन में नहीं बल्कि एक निजी अस्पताल की एम्बुलेंस के भीतर किया गया। पुलिस ने इस मामले में उसी अस्पताल की एम्बुलेंस में काम करने वाले चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार किया है।
यह वारदात बीते सोमवार देर रात की है और इसका खुलासा होते ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था और आपात सेवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या हुआ था उस रात
पुलिस के अनुसार, पीड़िता सोमवार रात सेक्टर 23 स्थित अपनी सहेली के घर से लौट रही थी। वह ऑटो से एनआईटी 2 चौक तक पहुंची और फिर मेट्रो चौक की ओर पैदल चली। आधी रात के आसपास जब वह घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थी, तभी एम्बुलेंस में सवार दो लोगों ने उसे लिफ्ट देने की पेशकश की।
युवती को भरोसा दिलाया गया कि उसे सुरक्षित उसके घर तक छोड़ दिया जाएगा, लेकिन इसके बजाय एम्बुलेंस को गुरुग्राम की दिशा में मोड़ दिया गया। पुलिस का आरोप है कि चलते वाहन में ही उसके साथ कई घंटों तक दुष्कर्म किया गया और इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई।
तीन घंटे बाद सड़क पर छोड़ा गया
करीब तीन घंटे तक एम्बुलेंस में घुमाने के बाद आरोपी मंगलवार तड़के करीब तीन बजे फरीदाबाद के राजा चौक के पास युवती को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उसे गंभीर हालत में नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, पीड़िता के चेहरे पर गहरे जख्म थे, जिन पर 12 टांके लगाए गए हैं। इसके अलावा उसके दाहिने कंधे में फ्रैक्चर है, जिसकी सर्जरी पीड़िता की सहमति के बाद की जाएगी। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
आरोपी कौन हैं
जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। एक मथुरा से और दूसरा झांसी से है। दोनों उसी निजी अस्पताल की एम्बुलेंस में चालक और सहायक के तौर पर काम कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोपियों ने आपात सेवा जैसे भरोसेमंद माध्यम का दुरुपयोग किया।
सामने आया कथित वीडियो
इस मामले से जुड़ा एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें पीड़िता यह कहती नजर आ रही है कि वाहन में बैठते ही एक आरोपी ने उसके खाते में 600 रुपये ट्रांसफर किए और फिर एम्बुलेंस के दरवाजे लॉक कर दिए। हालांकि समाचार एजेंसी ने इस वीडियो की पुष्टि नहीं की है, लेकिन पुलिस इसे जांच का हिस्सा मानकर परख रही है।
महिला आयोग की सख्त प्रतिक्रिया
घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार को हर संभव कानूनी और मानसिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि पीड़िता के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने पहचान परेड कराई जाएगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि एम्बुलेंस किस समय और किन रास्तों से गुजरी थी। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
यह घटना केवल एक अपराध नहीं बल्कि आपात सेवाओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सीधा सवाल है। विशेषज्ञों का मानना है कि निजी एम्बुलेंस सेवाओं में कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच और रियल टाइम ट्रैकिंग जैसे कदम अब अनिवार्य किए जाने चाहिए।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इस मामले से सबक नहीं लिया गया तो भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकना और मुश्किल हो सकता है।













