पंचकूला में डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग महिला से 3 करोड़ रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने वीडियो कॉल पर नकली कोर्ट और जज का ड्रामा रचा। पुलिस ने दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पंचकूला. पंचकूला में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक ऐसा जाल बुना जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां ठगों ने तकनीक और डर का इस्तेमाल करके एक बुजुर्ग महिला को उनके ही घर में ‘डिजिटल कैद’ कर लिया। शातिर अपराधियों ने वीडियो कॉल पर एक नकली अदालत सजाई जिसमें फर्जी जज और सीबीआई अधिकारी मौजूद थे।
डरी सहमी महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे जीवन भर की कमाई यानी करीब 3 करोड़ रुपये ठग लिए गए।
नकली टेलीकॉम कर्मचारी बनकर शुरू किया खेल
इस हाई प्रोफाइल ठगी की शुरुआत 4 दिसंबर को एक फोन कॉल से हुई। पीड़ित महिला के पास एक कॉल आई जिसमें सामने वाले ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि महिला का नंबर और सेवाएं बंद होने वाली हैं।
इसके बाद कॉल को तथाकथित बड़े अधिकारियों को ट्रांसफर किया गया। धीरे धीरे बात को सीबीआई तक ले जाया गया और महिला को बताया गया कि उनके आधार कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में हुआ है।
घर के बाहर पुलिस होने का दिखाया डर
ठगों ने महिला के दिमाग पर काबू पाने के लिए दहशत का माहौल बना दिया।
उन्हें बताया गया कि वह ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ में हैं और अपनी मर्जी से घर से बाहर नहीं जा सकतीं।
आरोपियों ने महिला को पुलिस की गाड़ी की तस्वीरें भेजीं और कहा कि पुलिस उनके घर के बाहर खड़ी है।
उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने किसी को बताया तो उनके बच्चों की जान को खतरा हो सकता है। इस मनोवैज्ञानिक दबाव के कारण महिला ने डर के मारे अपने सभी बैंक खातों की जानकारी ठगों को दे दी।
वीडियो कॉल पर लगा दी नकली अदालत
ठगी का यह खेल यहीं नहीं रुका। 5 दिसंबर को आरोपियों ने महिला को वीडियो कॉल के जरिए स्काइप पर जोड़ा। स्क्रीन पर नजारा देख महिला के होश उड़ गए। वहां एक पूरा कोर्ट रूम जैसा सेटअप था। सामने एक व्यक्ति जज की कुर्सी पर बैठा था और आसपास पुलिस की वर्दी में लोग खड़े थे।
इस फर्जी कोर्ट में महिला की पेशी हुई। जांच और जमानत के नाम पर डराकर महिला से अलग अलग खातों में कुल 2 करोड़ 98 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
लालच ने खोल दी पोल
करीब 3 करोड़ रुपये ठगने के बाद भी जब आरोपियों का पेट नहीं भरा तो उन्होंने और पैसों की मांग की। यहीं पर महिला को शक हुआ। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया और अपनी आपबीती बताई। पंचकूला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया।
दिल्ली से एक आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन और एसीपी अरविंद कंबोज के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। साइबर थाना एसएचओ युद्धवीर सिंह की टीम ने तकनीक की मदद से एक आरोपी नितिन सिंघल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
नितिन पूर्वी दिल्ली का रहने वाला है और उसके खाते में 17 लाख रुपये की संदिग्ध राशि मिली है। उसे अदालत में पेश कर 6 दिन के रिमांड पर लिया गया है।
एक और मामला: 7 लाख की ठगी और अलवर से गिरफ्तारी
पंचकूला पुलिस ने इसी तरह के एक अन्य मामले में भी सफलता हासिल की है। दूसरे मामले में एक व्यक्ति को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर 7 लाख 31 हजार रुपये का चूना लगाया गया था। पीड़ित को 21 फर्जी बैंक खाते होने का डर दिखाया गया था।
पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के अलवर जिले के गांव हमीरपुर से बिजेंद्र सिंह नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 2 लाख 10 हजार रुपये बरामद हुए हैं।
FAQ’s
प्रश्न: डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) क्या होता है?
उत्तर: यह एक साइबर ठगी है जिसमें अपराधी खुद को पुलिस या सीबीआई अफसर बताकर पीड़ित को वीडियो कॉल पर डराते हैं और घर में ही नजरबंद (डिजिटल अरेस्ट) रहने को मजबूर कर पैसे वसूलते हैं।
प्रश्न: पंचकूला मामले में कितनी राशि की ठगी हुई?
उत्तर: पंचकूला के इस हाई प्रोफाइल मामले में बुजुर्ग महिला से लगभग 3 करोड़ (2 करोड़ 98 लाख) रुपये की ठगी की गई है।
प्रश्न: क्या पुलिस या सीबीआई वीडियो कॉल पर पूछताछ करती है?
उत्तर: नहीं, भारतीय कानून में कोई भी जांच एजेंसी जैसे पुलिस या सीबीआई वीडियो कॉल (Skype/WhatsApp) के जरिए आधिकारिक पूछताछ या गिरफ्तारी नहीं करती है।
प्रश्न: अगर ऐसा फ्रॉड कॉल आए तो क्या करें?
उत्तर: घबराएं नहीं और तुरंत कॉल काट दें। किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई कानून भारत में नहीं है। कोई भी जांच एजेंसी जैसे सीबीआई, ईडी या पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर पूछताछ नहीं करती और न ही पैसे मांगती है। अगर आपके पास ऐसा कोई कॉल आए जिसमें आपको डराया जाए तो तुरंत फोन काट दें और नजदीकी पुलिस स्टेशन या 1930 पर संपर्क करें।













