International Yoga Day 2025 3000 doctors of Chandigarh PGI will do yoga, will create a new record: अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में हैं पीजीआई के 3000 डाक्टर्स और हेल्थ केयर वर्कर्स पिछले साल 21 जून इंटरनेशनल योग डे पर पीजीआई 1924 डाक्टर्स और हेल्थ केयर वर्कर्स ने एक साथ योग करके एशिया बुक ऑफ डॉ. बलराज वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज किया था।
International Yoga Day 2025: चंडीगढ़ PGI में बनेगा नया रिकॉर्ड
इस बार 3000 लोग एक साथ एक ही जगह पर योगासन करेंगे। इसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सीसीआरवाईएन के इंचार्ज और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अक्षय आनंद ने बताया- इस बार योग दिवस पर चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला (ट्राइसिटी) के सरकारी और निजी अस्पतालों के हेल्थ वर्कर्स को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है। योग प्रोटोकॉल तैयार किए हैं।
पीजीआई ने पिछले साल स्टूडेंट्स के लिए वेलनेस योग मॉड्यूल जारी किया था। इनमें स्टूडेंट्स को तनाव, चिंता, भय दूर करने, आत्म विश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाने में मदद वाले योग आसन सिखाए गए। पीजीआई के दो डाक्टर्स योग में एमडी कर चुके हैं, चार कर रहे हैं। एक ने डीएम की है।
योगासन के फायदों के बारे में एनेस्थीसिया में एमडी के साथ योग पर रिसर्च करने वाली डॉ. इशिता सूद ने बताया- बैक पेन के मरीजों को हमने जब योग कराया तो उनकी बॉडी में फ्लेक्सिब्लिटी बढ़ी। 21 आसन का स्पेशल इंटिग्रेटेड योग थेरेपी मॉड्यूल बनाया। तीन महीने तक केअर बैक पेन के 30 मरीजों को फिजियोथेरेपी पर 30 मरीजों को योग आसन करवाए गए। अंत में योग करने वाले मरीजों की बॉडी में फ्लेक्सिब्लिटी ज्यादा पाई। साथ ही क्वालिटी ऑफ लाइफ में भी सुधार पाया गया।
फैटी लिवर का ग्रेड यूं हुआ कम
डिपार्टमेंट ऑफ हेपेटोलॉजी में डीएम कर रहे डॉ. बलराज ने फैटी लवर रिसर्च की है। उन्होंने फैटी लिवर के 110 मरीजों पर स्टडी की। उन्होंने आयुष के ओबेसिटी योग प्रोटोकॉल के तहत 51 मरीजों को एक्सरसाइज और डाइट पर रखा। इतने ही मरीजों को योग और डाइट पर रखा। 6 महीने बाद योग और कंट्रोल डाइट वाले मरीजों का वजन और फैटी लिवर का ग्रेड भी कम हुआ। यही नहीं इन मरीजों का लिवर फंक्शन टेस्ट में भी सुधार देखने को मिला। यानी एलेनाइन अमीनोट्रांसफरेस नाम का प्रोटीन जो डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त रखता है। यह भी ठीक हो गया।
योगासन से क्वालिटी ऑफ लाइफ भी सुधारी जा सकती है
योगासन के जरिए सेहत को सुधारने और हेल्दी रहने के बहुत से उदाहरण हैं। हाल ही में पीजीआई में बैक पेन और फैटी लिवर को लेकर डॉक्टर्स ने जो रिसर्च की उससे साबित हुआ है कि स्पेशल योगा प्रोटोकॉल के जरिए इन परेशानियों को कम किया जा सकता है। साथ ही क्वालिटी ऑफ लाइफ भी सुधारी जा सकती है।












