International Yoga Day: Grand event in Kurukshetra, passengers’ difficulties increased, 1285 buses left for Kurukshetra: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 () के लिए हरियाणा में कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर भव्य आयोजन की तैयारी है। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से करीब एक लाख योग साधक हिस्सा लेंगे। इन्हें पहुंचाने के लिए हरियाणा रोडवेज ने 17 डिपो से 1285 बसें कुरुक्षेत्र भेजी हैं।
हालांकि, इस बड़े कदम से आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बस डिपो खाली हो गए हैं, और नियमित बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। आइए, इस आयोजन और इसके प्रभावों की पूरी जानकारी लें।
ब्रह्मसरोवर पर योग का उत्सव International Yoga Day
हर साल 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 (International Yoga Day 2025) इस बार कुरुक्षेत्र में खास होगा।
हरियाणा सरकार का आयुष विभाग और हरियाणा योग आयोग (Haryana Yoga Commission) मिलकर ब्रह्मसरोवर पर इस भव्य आयोजन की तैयारी कर रहे हैं। करीब एक लाख योग साधक इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इनके सुगम परिवहन के लिए परिवहन विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं। कुरुक्षेत्र के उपायुक्त ने 1900 बसों की मांग की थी, जिसमें से 1285 बसें उपलब्ध कराई गई हैं। यह आयोजन योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक शानदार प्रयास है।
रोडवेज बसों की कमी से परेशानी
1285 बसों को कुरुक्षेत्र भेजने के कारण हरियाणा रोडवेज (Haryana Roadways) की नियमित सेवाएं प्रभावित हुई हैं। गुरुवार दोपहर से ही कई जिलों के बस डिपो खाली होने लगे।
इससे दैनिक यात्रियों को लंबा इंतजार और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई रूटों पर बसों की कमी हो गई है। यात्रियों का कहना है कि उन्हें समय पर गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। यह स्थिति उन लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है जो रोजाना रोडवेज पर निर्भर हैं।
सरकार की प्राथमिकता और चुनौतियां
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 (International Yoga Day 2025) का आयोजन हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है। यह कार्यक्रम न केवल योग को बढ़ावा देगा, बल्कि कुरुक्षेत्र को वैश्विक मंच पर भी लाएगा। हालांकि, बसों की कमी से उत्पन्न स्थिति ने सरकार के सामने नई चुनौती पेश की है।
परिवहन विभाग ने सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को बसें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, लेकिन नियमित यात्रियों की सुविधा को भी प्राथमिकता देने की जरूरत है। सरकार को इस संतुलन को बनाए रखने के लिए और बेहतर योजना बनानी होगी।










