Karni Mata Dham Train Stoppage: The journey to Karni Mata Dham is now easier: 8 trains got a stoppage at Deshnok station: राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित प्रसिद्ध करणी माता धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक खुशखबरी है।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देशनोक रेलवे स्टेशन पर 8 ट्रेनों के अस्थायी ठहराव को मंजूरी दे दी है। यह व्यवस्था ट्रायल के आधार पर शुरू की गई है, और प्रत्येक ट्रेन देशनोक स्टेशन पर 2 मिनट रुकेगी। यह कदम न केवल तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि करणी माता धाम की आध्यात्मिक यात्रा को और भी सुलभ करेगा। Karni Mata Dham Train Stoppage
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण ने बताया कि यह ठहराव जून 2025 से लागू होगा। दिल्ली सराय रोहिल्ला-बीकानेर सुपरफास्ट (ट्रेन नंबर 22463) 13 जून से सुबह 6:56 बजे देशनोक पहुंचेगी, जबकि बीकानेर-दिल्ली सराय रोहिल्ला सुपरफास्ट (22464) 10 जून से शाम 6:34 बजे रुकेगी। सिकंदराबाद-हिसार सुपरफास्ट (22737) 10 जून से सुबह 11:42 बजे और हिसार-सिकंदराबाद सुपरफास्ट (22738) 13 जून से शाम 7:52 बजे ठहराव करेगी।
इसके अलावा, साबरमती-जम्मूतवी एक्सप्रेस (19223) 9 जून से रात 10:34 बजे, जम्मूतवी-साबरमती एक्सप्रेस (19224) 9 जून से रात 1:00 बजे, भगत की कोठी-जम्मूतवी एक्सप्रेस (19225) 9 जून से सुबह 10:52 बजे, और जम्मूतवी-भगत की कोठी एक्सप्रेस (19226) 8 जून से शाम 4:06 बजे देशनोक स्टेशन पर रुकेगी।
यह नई व्यवस्था करणी माता मंदिर की यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाएगी, जो अपनी अनूठी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है। देशनोक स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव होने से श्रद्धालुओं को अब लंबी यात्रा या अतिरिक्त परिवहन के झंझट से नहीं जूझना पड़ेगा।
यह सुविधा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी जो दिल्ली, हिसार, सिकंदराबाद, जम्मूतवी, और साबरमती जैसे शहरों से करणी माता धाम की यात्रा करते हैं। रेलवे की यह पहल तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।
श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या स्टेशन पर नवीनतम समय-सारणी की जांच करें। उत्तर पश्चिम रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यह अस्थायी ठहराव यात्रियों की सुविधा और मांग के आधार पर भविष्य में स्थायी किया जा सकता है। करणी माता धाम की यह यात्रा अब और भी आध्यात्मिक और सुखद होगी, और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के माता के दर्शन कर सकेंगे।











