Khatushyam Darshan 2026: दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब से हर महीने लाखों श्रद्धालु राजस्थान के सीकर स्थित खाटूश्याम मंदिर पहुंचते हैं। अगर आप भी मार्च के पहले सप्ताह में ‘हारे के सहारे’ बाबा श्याम के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो अपनी टिकट और गाड़ी की बुकिंग कुछ समय के लिए रोक दें। श्री श्याम मंदिर प्रबंधन कमेटी ने दर्शनों के लिए एक नया शेड्यूल जारी किया है। चंद्रग्रहण और बाबा की विशेष पूजा के चलते मंदिर के कपाट मार्च की शुरुआत में दो बार लंबे समय के लिए बंद रखे जाएंगे।
चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च को नहीं होंगे दर्शन
हिंदू पंचांग के अनुसार 3 मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। सूतक काल और ग्रहण की धार्मिक मान्यताओं का सख्ती से पालन करते हुए मंदिर प्रबंधन ने 3 मार्च को पूरे दिन दर्शन स्थगित रखने का बड़ा फैसला लिया है। ऐसे में दूर-दराज से खाटू नगरी पहुंचने वाले भक्त इस दिन मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर परिसर का शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके बाद अगले दिन 4 मार्च की सुबह निर्धारित समय पर मंदिर के कपाट दोबारा आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भक्त 4 मार्च को दिन के समय आराम से बाबा श्याम के दर्शन कर सकेंगे।
विशेष तिलक के लिए 5 मार्च को भी कपाट रहेंगे बंद
चंद्रग्रहण के ठीक बाद भक्तों को दर्शन के समय में एक और बदलाव का सामना करना पड़ेगा। श्री श्याम प्रभु की विशेष पूजा-अर्चना और तिलक के लिए 4 मार्च की रात 10 बजे से मंदिर के दरवाजे फिर बंद कर दिए जाएंगे। यह पाबंदी 5 मार्च की शाम 5 बजे तक पूरी तरह लागू रहेगी।
जो भी भक्त 5 मार्च को खाटू नरेश के दरबार में हाजिरी लगाने आ रहे हैं, उन्हें शाम 5 बजे तक बाहर ही इंतजार करना होगा। इसके बाद ही वे बाबा श्याम के अलौकिक और मनमोहक स्वरूप के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस शेड्यूल के अनुसार ही अपना सफर तय करें ताकि किसी को भी परेशानी न उठानी पड़े।
कल संपन्न होगा विश्व प्रसिद्ध लक्खी फाल्गुनी मेला
फिलहाल खाटू नगरी में भक्तों का भारी हुजूम उमड़ रहा है और चारों तरफ श्याम बाबा के जयकारे गूंज रहे हैं। 21 फरवरी से शुरू हुआ बाबा श्याम का विश्व प्रसिद्ध वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेला अब अपने अंतिम चरण में है। 28 फरवरी यानी कल इस भव्य मेले का विधिवत समापन हो जाएगा।
इस मेले में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु हाथों में रंग-बिरंगे निशान लेकर पदयात्रा करते हुए पहुंचे हैं। आम दिनों की तुलना में मेले और फाल्गुन के महीने में यहां भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। इसी भारी भीड़ और भक्तों की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर कमेटी ने नई दर्शन व्यवस्था की यह अग्रिम सूचना जारी की है।
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