Sanskrit University Kaithal (कैथल) : महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय इस सत्र से संस्कृत भाषा में एमए दर्शनशास्त्र की पढ़ाई शुरू होनी है। इसके लिए जल्द ही शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। विवि प्रशासन की तरफ से फाइल को उच्च अधिकारियों के पास भेजा जा चुका है। दो से तीन दिन में ही इसे मंजूरी मिल जाएगी।
दाखिला लेने का समय बढ़ा
इससे पहले प्रदेश ही नहीं देश में भी कहीं भी संस्कृत में एमए दर्शनशास्त्र की पढ़ाई नहीं होती है। विवि की तरफ से पहले चरण में 20 सीटें रखी गई हैं। अगर विद्यार्थी ज्यादा आते हैं तो सीटों बढ़ाया जा सकता है। इसमें माडर्न एवं वेस्टर्न – फिलासफी भी पढ़ाई जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय में दाखिला लेने का समय बढ़ा दिया गया था। विद्यार्थी 31 अगस्त तक दाखिले ले सकते हैं।
विवि में कई ऐसे कोर्स हैं जिनमें सीटें खाली हैं। ऐसे में इन सीटों को भरने के लिए दोबारा से दाखिला प्रक्रिया महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल (कपिलन् हरिका ) अस्थाई परिसर केल कुरुक्षेत्र मार्ग टीक शुरू की गई थी। इसमें दाखिला लेने के लिए तीन दिन का समय ही शेष रह गया है।
शास्त्री प्रथम वर्ष में 250 सीटों में से करीब 180 खाली हैं। आचार्य प्रथम वर्ष में 250 सीटों में से 130 खाली हैं। डिप्लोमा प्रथम वर्ष में 250 में से 110 सीटें खाली हैं। ऐसे में जिले ही नहीं प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए भी
भवन निर्माण का कार्य जोरों पर
विवि भवन निर्माण का कार्य जोरों पर चल रहा है और उम्मीद है दो से तीन महीने में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। बता दें कि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, वेद, धर्मशास्त्र विषयों में शास्त्री (बीए) एवं आचार्य (एमए) पाठ्यक्रम संचालित हैं।
इसके अतिरिक्त योग में बीए एवं एमए और हिंदू अध्ययन में एमए कोर्स हैं नवाचार एवं रोजगार कार्यक्रमों के तहत वेद, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र वैदिक गणित, कर्मकांड में डिप्लोमा एवं हिंदी-अंग्रेजी-हिंदी भाषा अनुवाद में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हैं। विवि में आयोजित विभिन्न कोसों में दाखिला लेने का मौका है। जल्द ही विवि की कक्षाएं नए भवन में शुरू हो जाएंगी।
संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय गोयल ने बताया कि एमए दर्शनशास्त्र के लिए जल्द ही शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य कोसों में दाखिला लेने के 31 अगस्त तक का समय दिया हुआ है जो विद्यार्थी पहले किसी भी कारण से दाखिला नहीं ले पाए थे वे अब दाखिला ले सकते हैं।












