Manesar biogas plant: A high-tech biogas plant will be set up in Manesar, 150 tonnes of waste will be disposed of daily: (मानेसर बायोगैस प्लांट) की स्थापना मानेसर नगर निगम द्वारा एक बड़ी पहल के रूप में की जा रही है। गांव भांगरौला में बनने वाला यह अत्याधुनिक प्लांट हर दिन लगभग 150 टन कचरे को प्रोसेस करेगा। इस प्रक्रिया से तैयार बायोगैस को (CNG production) में बदला जाएगा, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा बल्कि नगर निगम की आय में भी इजाफा होगा।
इस प्रोजेक्ट के लिए 10 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है और प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जा चुका है। पहले नैनवाल को लोकेशन के तौर पर चुना गया था, लेकिन अब इसे बदलकर भांगरौला किया गया है।
भारत पेट्रोलियम के साथ 25 साल का समझौता Manesar biogas plant
इस (BPCL biogas project) की लागत भारत पेट्रोलियम वहन करेगा और संचालन की जिम्मेदारी भी उसी के पास होगी। मानेसर नगर निगम और भारत पेट्रोलियम के बीच 25 साल का समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत भारत पेट्रोलियम प्लांट का निर्माण और संचालन करेगा।
हर दिन मानेसर से लगभग 200 टन घरेलू कचरा निकलता है। इस प्लांट के शुरू होने के बाद 150 टन से अधिक कचरा उसी दिन प्रोसेस हो जाएगा। यह कदम (Manesar waste management) को नई दिशा देगा।
गोबर से बनेगी बायोगैस, गौशालाओं को मिलेगा लाभ
इस प्लांट में सिर्फ घरेलू कचरे का ही नहीं बल्कि (cow dung biogas) का भी उपयोग किया जाएगा। मानेसर की गौशालाओं से मिलने वाले गोबर को प्रोसेस करके बायोगैस तैयार की जाएगी। इससे गौशालाओं की आय में भी बढ़ोतरी होगी और स्थानीय स्तर पर (green energy project) को बढ़ावा मिलेगा।
यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। (Manesar garbage to CNG) की यह योजना आने वाले वर्षों में अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।













