MEA Press Conference details in Hindi: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, विदेश मंत्रालय (MEA) ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें पाकिस्तान की भ्रामक और उकसावेपूर्ण हरकतों का खुलासा किया गया। भारत ने न केवल पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब किया, बल्कि ऑपरेशन सिन्दूर के तहत आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई भी की। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस देशवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश थी, जिसमें भारत ने अपनी जिम्मेदार और संयमित नीति को दोहराया। आइए, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के प्रमुख बिंदुओं को समझें और जानें कि भारत ने कैसे पाकिस्तान की साजिशों को नाकाम किया।
MEA Press Conference: आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई पाहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने स्पष्ट किया कि भारत की कार्रवाई केवल सैन्य और आतंकी ठिकानों तक सीमित थी, जिसमें आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का दावा कि भारत ने नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया, पूरी तरह झूठा और भ्रामक है।” भारत ने इस ऑपरेशन में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जो सीमा पार हमलों की साजिश रच रहे थे।
पाकिस्तान की उकसावेपूर्ण हरकतें: ड्रोन और मिसाइल हमले
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी खुलासा हुआ कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमलों का सहारा लिया। पंजाब, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में 36 स्थानों पर पाकिस्तानी ड्रोन ने घुसपैठ की कोशिश की। इन हमलों में तुर्की निर्मित सोंगार ड्रोन और फतेह मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि भारतीय वायु रक्षा प्रणाली, जिसमें S-400 मिसाइल सिस्टम शामिल है, ने इन खतरों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर नागरिक विमानों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप भी लगाया, जिसे वैश्विक समुदाय के सामने उजागर किया गया।
भारत की संयमित प्रतिक्रिया: शांति की अपील
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा, “हम तनाव नहीं चाहते, लेकिन पाकिस्तान की हर उकसावेपूर्ण कार्रवाई का जवाब देना हमारा अधिकार है।” भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन से रोकने के लिए दबाव बनाए। अमेरिका, चीन और अन्य देशों ने भी दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत कर तनाव कम करने की पेशकश की। भारत ने यह भी दोहराया कि वह शांति चाहता है, बशर्ते पाकिस्तान भी जिम्मेदारी दिखाए।
पाकिस्तान का झूठ: वैश्विक मंच पर बेनकाब
पाकिस्तान ने भारत पर अपने ही शहरों पर हमला करने का बेतुका आरोप लगाया, जिसे विदेश मंत्रालय ने “पागलपन भरी कल्पना” करार दिया। विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास झूठ और प्रोपेगेंडा फैलाने का रहा है। भारत ने वैश्विक मंच पर इन दावों का खंडन करते हुए सबूत पेश किए कि पाकिस्तानी ड्रोन ने गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश की। इस तरह की हरकतों ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता को और कम किया है। भारत ने साफ किया कि उसकी कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ है, न कि किसी देश या समुदाय के खिलाफ।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय ने देशवासियों से एकजुट रहने और सतर्कता बरतने की अपील की। जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में ब्लैकआउट और सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। स्कूल बंद हैं, और नागरिकों से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया गया है। भारत ने यह भी आश्वासन दिया कि उसकी सेना और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस न केवल पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करने का मंच थी, बल्कि भारत की दृढ़ता और जिम्मेदारी का प्रतीक भी थी।












