चंडीगढ़ (National Lok Adalat)। 13 सितंबर को लगने वाली नेशनल लोक अदालत में पहली बार क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। यह क्यूआर कोड 2 तरह के होंगे, जिसे स्कैन करते ही एक लिंक खुलेगा जिसमें चालान संबंधित जानकारी फीड करने के बाद मौके पर ही चालान भरा जा सकेगा।
इससे लोगों को चालान भरने के लिए घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। वहीं, 1 से 6 सितंबर तक जिला कोर्ट में अभी तक 1321 चालान संबंधित मामलों का निपटारा किया जा चुका है। नेशनल लोक अदालत के दिन हजारों की संख्या में लंबे समय से पेंडिंग चालानों का निपटारा किया जाएगा।
नेशनल लोक अदालत में QR कोड की नई सुविधा
सीजेएम सचिन यादव के अनुसार 1 से 13 सितंबर तक जिला कोर्ट में रोजाना लोक अदालत लगाई जा रही है। इसमें रोजाना चालान से संबंधित सैकड़ों मामलों को निपटाया जा रहा है ताकि पुरानी पेंडेंसी खत्म हो सके। अगर किसी व्यक्ति द्वारा कोर्ट में चालान भुगतने के बाद भी ऑनलाइन पोर्टल पर चालान शो हो रहा है तो लिखित या कोर्ट को ई-मेल के जरिए शिकायत कर सकता है। कई बार विभिन्न कारणों के चलते चालान भुगतने के बाद भी ऑनलाइन शो होता है, जिसे दुरुस्त किया जा रहा है।
ये क्यूआर कोड स्कैन कर लाइन से बचेंगे
13 सितंबर को लगने वाली नेशनल लोक अदालत में पहली बार 2 तरह के क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं।
ऑनलाइन ई-चालान भरने के लिए: वाहन चालक इस क्यूआर कोड को स्कैन करके चालान राशि का ऑनलाइन भुगतान कर सकता है।
वर्चुअल कोर्ट के जरिये ऑनलाइन ई-चालान भरने के लिए यह चालान उन मामलों के लिए है जो कोर्ट में चले गए हैं।
क्यूआर कोड स्कैन करने पर यह रहेगा प्रोसेस
इसमें कोई भी व्यक्ति कोर्ट में आकर अपने मोबाइल से स्कैन करेगा तो चालान का लिंक खुलेगा। इसमें व्यक्ति को अपनी वाहन संख्या, चालान नंबर व अन्य जानकारी फीड करनी होगी। इसके बाद जुर्माना राशि नजर आने लगेगी। व्यक्ति जुर्माना राशि ऑनलाइन पोर्टल से जमा करवा सकेगा। चालान राशि जमा होने के कुछ सेकेंड बाद ही चालान की रिसिप्ट भी मौके पर ही डाउनलोड हो सकेगी।












