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NCERT की नई किताबें: मुगल और दिल्ली सल्तनत हटाए गए, महाकुंभ और भारतीय परंपराओं को मिली जगह

On: अप्रैल 28, 2025 1:25 अपराह्न
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NCERT की नई किताबें: मुगल और दिल्ली सल्तनत हटाए गए, महाकुंभ और भारतीय परंपराओं को मिली जगह
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NCERT books Maha Kumbh added Mughals and Delhi Sultanate chapter removed: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 7 की नई पाठ्यपुस्तकों में बड़े बदलाव किए हैं, जो भारतीय शिक्षा को और अधिक समृद्ध और संस्कृति-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इन किताबों से मुगल और दिल्ली सल्तनत के सभी संदर्भ हटा दिए गए हैं, जबकि भारतीय राजवंशों, महाकुंभ, और सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को शामिल किया गया है।

यह बदलाव नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCFSE) 2023 के अनुरूप है, जो भारतीय परंपराओं और स्थानीय ज्ञान को बढ़ावा देने पर जोर देती है। आइए, इन बदलावों को विस्तार से समझते हैं।

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NCERT: पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति का समावेश

नई किताबें भारतीय इतिहास, संस्कृति और दर्शन को केंद्र में रखकर तैयार की गई हैं। अब तक मुगल और दिल्ली सल्तनत जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाता था, लेकिन अब पाठ्यक्रम में भारतीय राजवंशों की गौरवशाली कहानियों को प्रमुखता दी गई है। इसके साथ ही, महाकुंभ जैसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजनों को शामिल किया गया है, जो भारत की धार्मिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह कदम छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़ने और भारतीय विरासत के प्रति गर्व की भावना जगाने के लिए उठाया गया है।

सरकार की योजनाओं का उल्लेख

नई पाठ्यपुस्तकों में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी सरकारी पहलों को शामिल करना एक अनूठा प्रयास है। इन योजनाओं के माध्यम से छात्रों को आधुनिक भारत की प्रगति और सामाजिक बदलावों से परिचित कराया जाएगा।

‘मेक इन इंडिया’ जहां आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम है, वहीं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ लैंगिक समानता और शिक्षा को बढ़ावा देता है। इन पहलों को पाठ्यक्रम में शामिल करने से छात्रों में सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना बढ़ेगी।

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NEP और NCFSE 2023 का प्रभाव

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCFSE) 2023 ने स्कूली शिक्षा को भारतीय संदर्भों के अनुरूप ढालने का रास्ता दिखाया है। इन नीतियों का लक्ष्य है कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि यह छात्रों को उनकी सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय परंपराओं और वैश्विक दृष्टिकोण से जोड़े। NCERT की नई किताबें इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जो भारतीय ज्ञान प्रणालियों और दर्शन को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाती हैं।

क्यों जरूरी हैं ये बदलाव?

ये बदलाव सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक बड़े परिवर्तन का हिस्सा हैं। नया पाठ्यक्रम छात्रों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक भारत की प्रगति से अवगत कराएगा। यह कदम शिक्षा को अधिक समावेशी, प्रासंगिक और प्रेरणादायक बनाने की दिशा में एक प्रयास है।

NCERT की नई पाठ्यपुस्तकें भारतीय शिक्षा में एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं। मुगल और दिल्ली सल्तनत को हटाकर भारतीय राजवंशों, महाकुंभ और सरकारी योजनाओं को शामिल करना एक साहसिक और प्रगतिशील कदम है। यह बदलाव न केवल छात्रों को अपनी विरासत से जोड़ेगा, बल्कि उन्हें आधुनिक भारत के सपनों से भी प्रेरित करेगा।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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