Operation Sindoor in Hindi , 10 big facts, know which spots India targeted, precise blow against terrorism: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए दिल दहलाने वाले आतंकी हमले के ठीक 14 दिन बाद, भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकवाद को करारा जवाब दिया।
भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त शक्ति ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया। यह ऑपरेशन न केवल आतंकियों के लिए एक सख्त संदेश है, बल्कि भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक ताकत का भी प्रतीक है। आइए, इस ऐतिहासिक कार्रवाई के प्रमुख पहलुओं को समझें।
पहलगाम हमले का बदला Operation Sindoor in Hindi
पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या के बाद भारत ने त्वरित और सटीक कार्रवाई की। ‘
ऑपरेशन सिंदूर’ 6-7 मई 2025 की रात को शुरू हुआ, जिसमें भारतीय वायुसेना ने 24 मिसाइल हमलों के जरिए आतंकी संगठनों के गढ़ को नेस्तनाबूद कर दिया। इस ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ उन महिलाओं को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पहलगाम हमले में अपने पतियों को खोया। यह कार्रवाई 2019 के बालाकोट हमले के बाद भारत की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है।
सटीक निशाने, कोई नागरिक हानि नहीं
कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हिज्बुल मुजाहिदीन (HM) के 9 ठिकानों को नष्ट किया गया।
इनमें बहावलपुर का मरकज़ सुब्हान अल्लाह, मुरीदके का मरकज़ तैयबा, सियालकोट का महमूना जोया और मुजफ्फराबाद का शवाई नाला कैंप शामिल हैं। खास बात यह रही कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया और नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए खुफिया जानकारी का सावधानीपूर्वक उपयोग किया गया।
प्रमुख ठिकानों पर हमला
ऑपरेशन में चार हमले पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरीदके और सियालकोट जैसे शहरों में हुए, जबकि पांच हमले PoK के मुजफ्फराबाद और कोटली में किए गए। बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मरकज़ सुब्हान अल्लाह को निशाना बनाया गया, जो मौलाना मसूद अजहर का प्रमुख अड्डा था।
मुजफ्फराबाद का शवाई नाला कैंप, लश्कर-ए-तैयबा का गढ़, और कोटली का मस्कर रहील शहीद, हिज्बुल का प्रशिक्षण शिविर, भी तबाह किए गए। इन हमलों में कम से कम 8 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
भारत की कूटनीतिक रणनीति
ऑपरेशन के बाद भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, सऊदी अरब और यूएई के समकक्षों से बात की। वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास ने इस कार्रवाई को ‘नपी-तुली और जिम्मेदार’ बताया।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पहलगाम हमले की जांच में पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से सीधे संबंध सामने आए हैं। यह कूटनीतिक कदम भारत की पारदर्शिता और जवाबदेही को दर्शाता है।
पीएम मोदी और सेना की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात भर ऑपरेशन पर नजर रखी और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ समन्वय बनाए रखा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देर रात सेना प्रमुखों से हालात की जानकारी ली और कहा, “हमारी सेना ने हनुमान की तरह सटीक निशाना साधा।
” उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी नागरिक ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा। ऑपरेशन में शामिल सभी पायलट और सैनिक सुरक्षित लौटे, जो भारतीय सेना की कुशलता का प्रमाण है।
पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी
पाकिस्तान भले ही सैन्य शक्ति के बड़े दावे करे, लेकिन स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सैन्य खर्च पाकिस्तान से 9 गुना अधिक है।
भारत दुनिया की शीर्ष 5 सैन्य शक्तियों में शामिल है, जबकि पाकिस्तान कहीं पीछे है। यह अंतर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता में साफ झलकता है, जहां भारत ने सटीकता और संयम के साथ आतंकी ठिकानों को तबाह किया।
निष्कर्ष
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का प्रतीक है। यह न केवल पहलगाम हमले का जवाब है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत का प्रदर्शन भी है। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि भारत अब आतंक को उसकी ही भाषा में जवाब देगा।













