Operation Sindoor India’s attack on terrorism, PM Modi cancels Europe tour: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर अपनी ताकत का परिचय दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस साहसिक कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना यूरोप दौरा रद्द कर दिया और देश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। आइए, इस ऑपरेशन और इसके बाद की घटनाओं को करीब से समझते हैं।
Operation Sindoor: पीएम मोदी का यूरोप दौरा रद्द, सुरक्षा पहले
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना यूरोप दौरा रद्द कर दिया। इससे पहले उन्होंने रूस का दौरा भी कैंसल किया था। यह फैसला देश की सुरक्षा और मौजूदा हालात को देखते हुए लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने ऑपरेशन के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने उन्हें स्थिति से अवगत कराया।
इसके अलावा, पीएम मोदी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की भी अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की समीक्षा की जाएगी और रक्षा बलों की इस कार्रवाई पर प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। पीएम का यह कदम दर्शाता है कि भारत की सुरक्षा और स्थिरता उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कैबिनेट बैठक: देश की सुरक्षा पर मंथन
ऑपरेशन सिंदूर के कुछ घंटों बाद ही पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। रक्षा बलों की इस साहसिक कार्रवाई ने न केवल आतंकियों के हौसले पस्त किए, बल्कि भारत की सामरिक ताकत को भी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूदा सीमा स्थिति और भविष्य की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अजीत डोभाल की मौजूदगी ने इस बैठक को और महत्वपूर्ण बना दिया। यह कदम भारत की एकजुटता और आतंकवाद के खिलाफ कठोर रुख को दर्शाता है।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के आकाओं को सबक
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि भारतीय सेना ने दो सप्ताह बाद मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के ट्रेनिंग कैंप तबाह हो गए। लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय भी इस हमले में नेस्तनाबूद हो गया।
यह ऑपरेशन भारत की उस नीति का प्रतीक है, जो आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस को दर्शाती है। भारतीय सेना की इस सटीक और साहसिक कार्रवाई ने न केवल आतंकियों को करारा जवाब दिया, बल्कि पाकिस्तान को भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब किसी भी कायराना हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगा।
भारत शांति का पक्षधर
ऑपरेशन सिंदूर और पीएम मोदी के फैसले ने एक बार फिर साबित किया कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। यह कार्रवाई उन शहीदों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने आतंक के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान दी। यह उन परिवारों के लिए संदेश है, जो आतंकवाद की वजह से अपनों को खो चुके हैं। और सबसे बढ़कर, यह आतंकियों और उनके समर्थकों के लिए चेतावनी है कि भारत हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा।
पीएम मोदी का यूरोप दौरा रद्द करना और तुरंत कैबिनेट बैठक बुलाना यह दिखाता है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है। यह ऑपरेशन और इसके बाद की कार्रवाइयां भारत के संकल्प और ताकत का प्रतीक हैं, जो आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।












