कैथल (Paddy Procurement Scam): जिले की मंडियों में धान खरीद को लेकर बड़ा घोटाला सामने आ रहा है। सरकारी खरीद 15 नवंबर को बंद कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद चीका और अमोली मंडी में देर रात गेटपास काटे गए और आधी रात को खरीद तक कर ली गई।
माना जा रहा है कि इस पूरे खेल में राइस मिलर, सचिव और खरीद एजेंसी की मिलीभगत है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। डीसी ने मामले की जांच के लिए एसडीएम गुहला को आदेश दिए हैं।
Paddy Procurement Scam: खरीद बंद, फिर भी जारी हुए गेटपास
जांच में सामने आया है कि खरीद बंद होने के बाद भी चीका मंडी में 48 और अमोली खरीद केंद्र में 68 गेटपास रात 11 बजे जारी किए गए।
सबसे बड़ी बात अमोली मंडी में पिछले एक सप्ताह से धान की कोई आवक नहीं हुई थी, लेकिन 15 नवंबर की रात अचानक खरीद दिखाई गई, जो पूरे मामले को संदिग्ध बनाती है।
यह भी सवाल है कि रात को गेटपास जारी करने की अनुमति किसने दी और क्यों।
भौतिक सत्यापन की जरूरत के बीच राइस मिलरों को फायदा पहुंचाने की आशंका भी जताई जा रही है।
धान की आवक बढ़ी, लेकिन खेतों में फसल थी ही नहीं!
कैथल जिले में इस बार 8,94,817 मीट्रिक टन धान दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 8,12,572 एमटी था।
इसके बावजूद कई किसानों का कहना है कि बारिश से इस बार बड़े पैमाने पर धान खराब हुआ था।
तो सवाल यह उठता है धनिया मंडियों में धान आया कहां से?
भाकियू का आरोप प्रशासन घोटाले को दबा रहा है
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने आरोप लगाया कि,
“जिले की लगभग सभी मंडियों में गड़बड़ हुई है। करनाल की तरह कैथल में भी सिर्फ कागजों पर ही धान खरीद दिखाई गई।”
उन्होंने कहा कि अमोली और चीका मंडी में आधी रात तक गेटपास काटे गए और खरीद 16 नवंबर को कागजों में चलाई गई।
किसानों का आरोप है कि अधिकारियों और कुछ मिल मालिकों की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला किया गया।
शिकायत एसडीएम कैथल, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और चंडीगढ़ मुख्यालय में दे दी गई है।
कागजों पर खरीद कैथल में भी करनाल जैसा खेल?
करनाल में धान खरीद घोटाले के बाद कई अधिकारियों और खरीद एजेंसियों पर कार्रवाई चल रही है।
ऐसा ही पैटर्न कैथल में भी देखने को मिल रहा है, क्योंकि खेतों में धान उत्पादन कम था लेकिन मंडियों में रिकॉर्ड मात्रा दिखा दी गई।
खरीद की समय सीमा खत्म होने के बाद भी आवक जारी रहने पर
मार्केट कमेटी सचिव और खरीद एजेंसियों पर कठोर सवाल उठ रहे हैं।
मंडीवार आंकड़ा कहां कितना आया धान?
मंडी वर्तमान सीजन (MT) गत वर्ष (MT)
चीका 3,54,340 3,45,885
कैथल 2,04,063 1,83,597
ढांड 1,67,011 1,38,494
पूंडरी 96,180 76,096
कलायत 17,754 16,612
पाई 12,622 12,205
ध्यान दें: आंकड़े मीट्रिक टन में हैं।
जांच होगी निष्पक्ष; एसडीएम
गुहला-चीका एसडीएम कप्तान प्रमेश ने कहा, “मार्केट कमेटी सचिव छुट्टी पर हैं। सोमवार को उनके लौटते ही निष्पक्ष जांच की जाएगी। किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।”












