ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Paddy Scam: धान आया ही नहीं, फिर भी कटे लाखों गेटपास, कैथल में करोड़ों का घोटाला

On: नवम्बर 3, 2025 5:21 अपराह्न
Follow Us:
Paddy Scam: धान आया ही नहीं, फिर भी कटे लाखों गेटपास, कैथल में करोड़ों का घोटाला
Join WhatsApp Group

कैथल, (Kaithal Paddy Scam):  जिले की मंडियों में धान खरीद और गेटपास काटने में बड़ा घोटाला सामने आ रहा है। आरोप है कि धान मंडी में आया ही नहीं, लेकिन फर्जी गेटपास बनाकर करोड़ों रुपये लूट लिए गए। उपायुक्त के आदेश पर एसडीएम की विशेष टीमें जांच में जुट गई हैं। मंडी सचिव और खरीद एजेंसियां कठघरे में हैं।

पिछले साल से ज्यादा आवक, लेकिन रकबा कम!

आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इस बार 8,90,478 मीट्रिक टन पीआर धान की आवक दर्ज हुई, जो पिछले साल से एक लाख टन ज्यादा है। लेकिन कृषि विभाग कहता है कि इस साल धान का रकबा पिछले साल से कम था। इससे साफ जाहिर है कि दूसरे राज्यों से धान लाकर या बिना धान आए फर्जी पर्चियां बनाई गईं।

हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सीधे जुड़ेंगे मुंद्रा पोर्ट से, 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां | amritsar-jamnagar-economic-corridor-route-map-travel-time-completion-date
हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सीधे जुड़ेंगे मुंद्रा पोर्ट से, 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां

भाकियू का आरोप

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने खुलकर आरोप लगाया कि कैथल, ढांड और चीका मंडियों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी हुई है। बिना धान आए फर्जी गेटपास काटे गए, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हुआ। किसानों से कम दाम पर धान खरीदा गया और एमएसपी पर बेचकर मुनाफा कमाया गया। रतन मान बोले, “आढ़ती, मंडी सचिव, मिलर और एजेंसियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।”

1.40 लाख गेटपास, लेकिन कहां है धान?

सोमवार शाम साढ़े तीन बजे तक 8,86,289 मीट्रिक टन धान सरकारी एजेंसियों ने खरीदा। कुल 1,40,666 गेटपास जारी हो चुके हैं। सीजन शुरू होते ही शिकायतें आईं कि किसानों को कच्ची पर्ची देकर कम रेट पर धान लिया गया और बाद में अंतर की राशि मांगी गई।

फेस्टिव सीजन में हरियाणा की इंडस्ट्री को बड़ा झटका: 1800 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद, जनरेटर भी फेल | haryana-power-strike-eleven-power-crisis-industrial-production-halt
फेस्टिव सीजन में हरियाणा की इंडस्ट्री को बड़ा झटका: 1800 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद, जनरेटर भी फेल

जांच में जुटीं टीमें

एसडीएम अजय सिंह ने बताया कि हर पहलू से जांच चल रही है। प्राथमिक जांच में रकबे और आवक में विसंगति मिली है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरा सच सामने आएगा। फिलहाल टीमें दिन-रात लगी हुई हैं।

हरियाणा में लागू होगा स्वीडन का सफाई मॉडल, 84 शहरों में स्कैनर तकनीक से उठेगा घर-घर का कचरा | haryana-waste-to-energy-project-oil-india-sweden-model-vipul-goel-2026
हरियाणा में लागू होगा स्वीडन का सफाई मॉडल, 84 शहरों में स्कैनर तकनीक से उठेगा घर-घर का कचरा

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment