Pakistan drone strikes: Pain of drone attack in Ferozepur: Sukhwinder Kaur dies, Pakistan’s conspiracy exposed: भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव के बीच फिरोजपुर के खाई फेमे गांव में एक दुखद घटना ने सभी को झकझोर दिया। 9 मई को हुए पाकिस्तानी ड्रोन हमले में एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस हादसे में सुखविंदर कौर नाम की महिला 100% झुलस गई थीं और लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने न केवल सीमा पर तनाव की गंभीरता को उजागर किया, बल्कि पाकिस्तान की ओर से अपने ही नागरिकों पर ड्रोन हमले की साजिश को भी बेनकाब कर दिया।
फिरोजपुर में दर्दनाक हादसा
फिरोजपुर के खाई फेमे गांव में उस दिन सुबह का सन्नाटा तब टूटा, जब पाकिस्तानी ड्रोन ने हमला किया। इस हमले में सुखविंदर कौर, लखविंदर सिंह और सोनू गंभीर रूप से घायल हो गए। सुखविंदर कौर की हालत इतनी नाजुक थी कि उनके शरीर का अधिकांश हिस्सा झुलस चुका था।
उन्हें तुरंत लुधियाना के डीएमसी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कई दिनों तक चले इलाज के बाद वह जिंदगी की जंग हार गईं। लखविंदर और सोनू का इलाज अभी भी जारी है। इस हादसे ने स्थानीय लोगों में दहशत और गुस्सा पैदा कर दिया है।
अस्पताल की लापरवाही
सुखविंदर कौर के परिवार को इस मुश्किल घड़ी में अस्पताल की लापरवाही ने और दुखी किया। आरोप है कि डीएमसी अस्पताल ने पहले इलाज के लिए पैसे की मांग की और फिर उपचार शुरू किया।
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और मानवीय संवेदना की कमी को उजागर करती है। ऐसे समय में, जब परिवार पहले ही सदमे में था, अस्पताल का यह रवैया बेहद निराशाजनक रहा।
पाकिस्तान की साजिश उजागर
उधर, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। वहां पाकिस्तानी सेना ने अपने ही नागरिकों पर ड्रोन हमला कर दिया, जिसमें 10 महिलाएं और 4 बच्चे घायल हो गए। यह हमला एक cअंतिम संस्कार के दौरान हुआ, जिसने पाकिस्तानी सेना की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
स्थानीय संगठन पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (पीटीएम) ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया और आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी जनता को डराने और भारत को सीजफायर उल्लंघन का दोषी ठहराने की कोशिश कर रहा है।
चश्मदीदों का बयान
बन्नू के जानी खेल इलाके में हुए इस हमले के चश्मदीदों ने बताया कि दोपहर में एक घर में अंतिम संस्कार के लिए लोग जमा थे। मृतक बुजुर्ग की कुछ दिन पहले कथित तौर पर सुरक्षा बलों द्वारा हत्या की गई थी।
इसी दौरान ड्रोन हमला हुआ, जिसने मासूम लोगों को निशाना बनाया। स्थानीय मीडिया ने इस घटना का खुलासा करते हुए पाकिस्तानी सेना की इस हरकत को उजागर किया।
पीटीएम की कड़ी प्रतिक्रिया
पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट के नेता मंजूर पश्तीन ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना पश्तून समुदाय को आतंकवाद के नाम पर निशाना बना रही है।
यह कोई इकलौती घटना नहीं है। टанк, वजीरिस्तान, और बाजौर जैसे इलाकों में भी सेना की कार्रवाइयों में आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाया गया है। पीटीएम ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।
सीमा पर शांति की जरूरत
फिरोजपुर और बन्नू की इन घटनाओं ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव और मानवीय संकट को रेखांकित किया है।
सुखविंदर कौर की मौत ने एक परिवार को तोड़ दिया, वहीं पाकिस्तान की हरकतों ने उसकी अपनी जनता को भी असुरक्षित कर दिया। इन घटनाओं से साफ है कि दोनों देशों को सीजफायर का सम्मान करते हुए शांति के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।













