Pandav marriage tradition: Two brothers married the same bride in Sirmaur: (जोड़ीदार विवाह प्रथा) की चर्चा फिर से जोर पकड़ रही है। सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में दो सगे भाइयों ने एक ही युवती से विवाह कर इस प्राचीन परंपरा को जीवित कर दिया। viral wedding India
प्रदीप सिंह और कपिल नेगी ने पारंपरिक (Hindu wedding ceremony) के साथ सात फेरे एक ही मंडप में लिए। यह विवाह स्थानीय (Hatti community wedding) रीति-रिवाजों और पारंपरा के अनुरूप संपन्न हुआ।
यह बहुपति प्रथा (polyandry wedding India) महाभारत काल से जुड़ी मानी जाती है, जहां द्रौपदी ने पांडव भाइयों से विवाह किया था। क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह के विवाह पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे को रोकने और परिवार में एकता बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं।
युवती की सहमति और परिवार का समर्थन Pandav marriage tradition
इस विवाह में तीनों पक्षों की पूरी सहमति रही। दुल्हन ने स्पष्ट किया कि यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है और किसी भी प्रकार का दबाव नहीं था। तीन दिन तक चले समारोह में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और पारंपरिक व्यंजन परोसे गए।
विवाह के वीडियो जब (viral wedding India) के रूप में सोशल मीडिया पर पहुंचे, तो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गए। कई लोगों ने इसे (unusual wedding Himachal) कहकर परंपरा की सराहना की, वहीं कुछ ने इसे सामाजिक दृष्टिकोण से नया नजरिया बताया।
प्राचीन परंपरा और वर्तमान समाज के बीच सेतु viral wedding India
यह परंपरा न सिर्फ सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करती है बल्कि वर्तमान समाज के लिए एक सीख भी है। हिमाचल के (marriage culture Himalayas) में शिमला, किन्नौर और उत्तराखंड के जौंसार बावर जैसे क्षेत्रों में ऐसी विवाह परंपराएं पहले भी देखी गई हैं।
किन्नौर की पीठ-चुक और महासूवी की परैणा प्रथा भी इसी तरह की सामाजिक स्वीकृति प्राप्त रीति है। इन क्षेत्रों में (tribal wedding customs) आज भी जीवंत हैं और क्षेत्रीय पहचान से जुड़े हुए हैं।













