Panipat ATM Robbery: Plot to rob ATM in Panipat failed: Police arrested 5 robbers, 2 minors also involved: हरियाणा के पानीपत में अपराध की एक और सनसनीखेज वारदात को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। एक संगठित गिरोह, जो शहर में एटीएम लूट की योजना बना रहा था, अब सलाखों के पीछे है। पानीपत पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।Panipat ATM Robbery
इन लुटेरों ने न केवल एटीएम तोड़ने की कोशिश की, बल्कि घरौंडा में यूको बैंक और एक मोबाइल दुकान में चोरी की वारदातों को भी अंजाम दिया था। इस सफलता ने स्थानीय लोगों में राहत की सांस भरी है और पुलिस की सतर्कता की तारीफ हो रही है।
यह घटना 2-3 जून की रात को किला थाना क्षेत्र के कूटानी रोड पर हुई, जब चार युवक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एक एटीएम को सरिया और रॉड से तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
जैसे ही उन्होंने शटर तोड़ा, एटीएम का अलार्म बज उठा, जिसकी सूचना तुरंत बैंक मुख्यालय और पुलिस कंट्रोल रूम को मिली। गश्त पर तैनात पुलिस की ईआरवी और राइडर टीम ने मौके पर पहुंचकर लुटेरों को रंगे हाथों पकड़ने की कोशिश की। लेकिन, आरोपियों ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें एसपीओ मनोज और होमगार्ड सोलिया घायल हो गए। एक आरोपी को एएसआई नरेंद्र ने पकड़ लिया, लेकिन उसने दांतों से काटकर खुद को छुड़ाया और बाकी साथियों के साथ फरार हो गया।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह के निर्देश पर सीआईए-टू की टीम ने इस मामले को गंभीरता से लिया। इंस्पेक्टर फूल कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर गुरुवार देर शाम बाबरपुर मंडी से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इनकी पहचान सूरज (बाबरपुर), करण (शिमला मौलाना), आशु उर्फ बादल (भारत नगर), और एक नाबालिग के रूप में हुई। शुक्रवार सुबह पुलिस ने पांचवें नाबालिग आरोपी को भी दबोच लिया। पूछताछ में इन लुटेरों ने न केवल एटीएम लूट की साजिश, बल्कि घरौंडा में यूको बैंक और मोबाइल दुकान में चोरी की वारदातों को भी कबूल किया।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी चौंकाने वाला है। आशु उर्फ बादल, सूरज, और करण पर पहले से ही चोरी और स्नैचिंग के कई मामले दर्ज हैं, जबकि दोनों नाबालिग भी अपराध की दुनिया में कदम रख चुके हैं।
ये सभी हाल ही में जेल या बाल सुधार गृह से छूटकर आए थे और शॉर्टकट से पैसा कमाने के चक्कर में फिर से अपराध की राह पर चल पड़े। पुलिस ने दो नाबालिगों को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें अंबाला और मधुबन के बाल सुधार गृह भेज दिया गया। आशु को जेल भेजा गया, जबकि सूरज और करण को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इनसे गहन पूछताछ कर रही है ताकि वारदात में इस्तेमाल हथियार और फरार साथी का पता लगाया जा सके।












