Pituitary Tumor Treatment Chandigarh PGI removed tumor without incision, relief to 7 foot 7 inch patient: पिट्यूटरी ट्यूमर उपचार 2025 (Pituitary Tumor Treatment 2025) में चंडीगढ़ PGI ने एक बार फिर अपनी चिकित्सा विशेषज्ञता का परिचय दिया है। जम्मू-कश्मीर के एक 35 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल, जिनकी हाइट पिट्यूटरी ट्यूमर के कारण 7 फुट 7 इंच तक पहुँच गई थी, का PGI में बिना चीरे सफल ऑपरेशन किया गया। यह मरीज एक्रोमेगली (Acromegaly) नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित था, जो अत्यधिक ग्रोथ हार्मोन के कारण होती है। PGI की न्यूरोसर्जरी टीम ने एंडोस्कोपिक ट्रांस नेजल तकनीक (Endoscopic Transnasal Surgery) का उपयोग कर ट्यूमर को नाक के रास्ते निकाला। यह उपलब्धि चंडीगढ़ PGI की उत्कृष्टता और नवाचार का प्रतीक है। आइए, इस उपलब्धि के बारे में विस्तार से जानें।
Pituitary Tumor Treatment: एक्रोमेगली और ट्यूमर का प्रभाव
जम्मू-कश्मीर के इस पुलिसकर्मी को लंबे समय से जोड़ों में दर्द और आँखों की रोशनी में कमी (Vision Loss) की समस्या थी। जांच में पता चला कि उनकी पिट्यूटरी ग्रंथि में एक कार्यशील ट्यूमर (Functional Pituitary Adenoma) था, जो अत्यधिक ग्रोथ हार्मोन पैदा कर रहा था। इस स्थिति ने उनकी हाइट को 7 फुट 7 इंच तक बढ़ा दिया, जो द ग्रेट खली से भी 6 इंच अधिक है। PGI के डॉक्टरों ने बताया कि एक्रोमेगली एक दुर्लभ बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं। समय पर इलाज न होने पर यह गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकती है।
बिना चीरे की अत्याधुनिक सर्जरी
PGI की न्यूरोसर्जरी टीम ने पिट्यूटरी ट्यूमर उपचार 2025 (Pituitary Tumor Treatment 2025) में गामा नाइफ और एंडोस्कोपिक ट्रांस नेजल तकनीक (Endoscopic Transnasal Surgery) का उपयोग किया। इस विधि में सिर पर कोई चीरा नहीं लगाया गया। ट्यूमर को नाक के रास्ते निकाला गया। डॉ. राजेश छाबड़ा ने बताया कि यह तकनीक मरीज के लिए सुरक्षित और प्रभावी है। सर्जरी के बाद मरीज का हार्मोन स्तर सामान्य होने लगा है। उनकी तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा है। यह तकनीक मॉडर्न चिकित्सा का एक शानदार उदाहरण है।
सर्जरी की चुनौतियाँ और तैयारी
मरीज की असामान्य हाइट और वजन के कारण सर्जरी में कई चुनौतियाँ थीं। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि सांस की नली में ट्यूब डालना और मरीज को सही स्थिति में रखना मुश्किल था। इसके लिए ऑपरेशन थिएटर में एक दिन पहले पूरी ड्रिल की गई। यह तैयारी PGI की टीम वर्क और प्रोफेशनलिज्म को दर्शाती है। पिट्यूटरी ट्यूमर उपचार 2025 (Pituitary Tumor Treatment 2025) में यह सावधानी मरीज की सुरक्षा के लिए जरूरी थी। इसने सर्जरी की सफलता को सुनिश्चित किया।
PGI की विशेषज्ञता और सलाह
PGI निदेशक डॉ. विवेक लाल ने बताया कि संस्थान ने अब तक एक्रोमेगली (Acromegaly) के 100 से अधिक मामलों का सफल इलाज किया है। यह PGI की क्लीनिकल विशेषज्ञता और नवाचार का परिणाम है। डॉ. राजेश छाबड़ा ने सलाह दी कि अगर किसी को जोड़ों में दर्द, वजन बढ़ना, चेहरे की सूजन या आँखों की रोशनी में कमी (Vision Loss) जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है। पिट्यूटरी ट्यूमर उपचार 2025 (Pituitary Tumor Treatment 2025) में PGI की यह उपलब्धि अन्य अस्पतालों के लिए प्रेरणा है।












