Panipat Ration Card Cancellation (पानीपत) : बीपीएल और एएवाई राशन कार्डों पर हर माह कैंची चल रही है। सितंबर माह में भी जिले में 9974 लोगों को कार्ड कटे हैं। अगर पूरे साल की बात करें तो जनवरी से मई माह तक 2,999 हजार लोगों के कार्ड बने थे। वहीं, अगर मई से सितंबर माह की संख्या को देखे तो 41,818 राशन कार्ड कट चुके हैं।
राशन कार्ड कटने के अलग-अलग कारण
जिनके कार्ड कटे हैं, उनके अलग-अलग कारण है। किसी का बिजली बिल निर्धारित राशि से ज्यादा आया है तो किसी के परिवार पहचान पत्र में चार पहिया वाहन व शहर में सेक्टर में प्लॉट दर्ज होने पर कटा है। लोग चार पहिया वाहन व सेक्टर में प्लॉट न होने पर भी पीपीपी में दर्ज होने की शिकायत लेकर क्रीड़ कार्यालय में पहुंच रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में जनवरी माह में बीपीएल और एएवाई कार्डधारकों की संख्या 2 लाख 68 हजार 26 थी। मई में बढ़कर 2 लाख 71 हजार 25 हो गई। विपक्ष ने प्रदेश में लगातार गरीबों की संख्या बढ़ने का सवाल उठाया तो जांच शुरू हो गई। तब से लगातार क्रीड़ की ओर से मैपिंग की जा रही है।
उसका असर ये हुआ कि सितंबर तक संख्या घटकर 2 लाख 29 हजार 207 हो गई। अब विपक्ष सर्वे को गलत बताकर जांच की मांग कर रहा है। दूसरी तरफ लोग भी जिला सचिवालय स्थित कार्यालय में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जिले में जनवरी में थे 2,68,026 राशन कार्ड, जो सितंबर में 2,29,207 रह गए।
माहवार राशन कार्डों की संख्या
जनवरी: 2,68,026
फरवरी: 2,68,378
मार्च: 2,68,915
अप्रैल: 2,68,866
मई: 2,71,025
जून: 2,59,156
जुलाई: 2,54,683
अगस्त: 2,39,181
सितंबर: 2,29,207
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कुमारी नीतू ने कहा कि राशन कार्ड के बनाने और कटने संबंधित काम अब क्रीड़ के द्वारा ही किया जा रहा है।
ये मिलता है राशन
बीपीएल व एएवाई कार्डधारकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने के साथ प्रति यूनिट 5 किलोग्राम गेहूं फ्री मिलता है। जबकि एक किलोग्राम चीनी के 13.50 रुपए और 2 लीटर सरसों तेल के 100 रुपए देने पड़ते हैं। जबकि पहले केवल 40 रुपए में दो लीटर सरसों तेल मिलता था।
15 हजार बिल आया, कट गया कार्ड
अनीता ने बताया कि बीपीएल कार्ड बना हुआ था। जुलाई माह में 15 हजार रुपए बिजली बिल आया तो कार्ड कट गया। सीएससी पर जाकर चेक कराया तो पता चला कि बीपीएल कार्ड धारक की साल में निर्धारित 30 हजार बिल राशि से ज्यादा बिल भर चुके हैं। इसी तरह आजाद नगर निवासी सुरेंद्र कुमार का भी चार पहिया वाहन पीपीपी में दर्ज होने पर बीपीएल कार्ड कट गया। जबकि वो कार को बेच भी चुका है।













